स्काई वुल्फ पर आग भी बेअसर: 500°C की लपटों के बीच करेगा लाइव रेस्क्यू, क्या है चीन के इस रोबोट की खूबियां?
चीन की कंपनी वुबा इंटेलिजेंट ने एक ऐसा अनोखा फायरफाइटिंग रोबोट तैयार किया है, जो 500 डिग्री सेल्सियस के खौफनाक तापमान में भी आग की लपटों के बीच जाकर काम कर सकता है। इस चार पैरों वाले रोबोट ने हाल ही में अपनी पहली लाइव-फायर ड्रिल सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। आइए जानते इस रोबोट के बारे में...

विस्तार
जिस भीषण आग और जहरीली गैसों के बीच किसी का भी पहुंचना मुश्किल हो जाता है, वहां अब रोबोट इंसानों की ढाल बनेंगे। चीन में बने नए फायरफाइटिंग रोबोट तियानलैंग यानी स्काई वुल्फ ने अपनी पहली लाइव-फायर ड्रिल सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। यह रोबोट उन खतरनाक परिस्थितियों में भी काम करने के लिए तैयार किया गया है, जहां आम इंसान सुरक्षित रूप से कदम भी नहीं रख सकते। रोबोट को खास हीट-रेसिस्टेंट प्रोटेक्टिव सूट से कवर किया गया है। इसकी मदद से यह करीब 500°C तापमान में लगातार दो मिनट तक काम कर सकता है।
500°C में दो मिनट तक कर सकता है काम
फायरफाइटिंग रोबोट के लिए सबसे बड़ी चुनौती गर्मी होती है। इसी वजह से तियानलैंग को खास हाई-टेम्परेचर प्रोटेक्शन के साथ तैयार किया गया है। लाइव ड्रिल में रोबोट ने 500°C तक के तापमान में दो मिनट तक काम करने की क्षमता दिखाई। यह क्षमता उसे उन जगहों पर शुरुआती जांच के लिए उपयोगी बना सकती है, जहां आग, धुआं और अत्यधिक गर्मी की वजह से फायरफाइटर्स के लिए तुरंत पहुंचना मुश्किल होता है।
चार पैरों की वजह से मिलेगी खास बढ़त
इस रोबोट की एक खासियत इसका चार पैरों वाला डिजाइन है। पारंपरिक पहिए वाले रोबोटों की तुलना में चार पैरों वाला रोबोट मलबे, टूटे फर्श और असमान सतहों जैसे मुश्किल इलाकों में ज्यादा आसानी से आगे बढ़ सकता है। फायर ड्रिल में इस तरह के रोबोट का इस्तेमाल ऐसे इलाके में किया गया जहां तापमान अधिक था और इंसानों के लिए स्थिति खतरनाक हो सकती थी।
स्काई वुल्फ की अन्य खूबियां क्या हैं?
- हीट-रेसिस्टेंट कवच: यह चार पैरों वाला रोबोट एक विशेष प्रोटेक्टिव सूट या हीट-रेसिस्टेंट आर्मर से लैस है।
- भीषण गर्मी में काम:यह चार पैरों वाले रोबोटों का इस्तेमाल सिर्फ आग की घटनाओं तक सीमित नहीं रह सकता। जहां तापमान बहुत ज्यादा हो, जहरीली गैस हो या इमारत के ढहने का खतरा हो, वहां भी रोबोट इंसानों के लिए शुरुआती जांच का काम कर सकते हैं। चीन में इससे पहले भी फायर ड्रिल में रोबोटिक डॉग का इस्तेमाल आग की स्थिति, गैस और थर्मल इमेजिंग की जानकारी जुटाने के लिए किया जा चुका है।
- दो मिनट तक काम करने की क्षमता: लाइव-फायर ड्रिल के दौरान इस रोबोट ने 500°C (932°F) तक के खौफनाक तापमान में लगातार दो मिनट तक काम करके अपनी क्षमता साबित की है।
- इंसानों से पहले एंट्री:इसे बनाने वाली कंपनी वुबा इंटेलिजेंट को उम्मीद है कि भविष्य में किसी भी इमारत में इंसानी फायरफाइटर्स के दाखिल होने से पहले यह रोबोट अंदर जाकर पूरी स्थिति का जायजा ले सकता है।
- आग की जगह का सटीक पता: यह जलती हुई इमारतों के बीच जाकर यह रोबोट आग के मुख्य स्रोत को ट्रैकिंग तकनीक से ढूंढ निकाल सकता है।
- जहरीली और खतरनाक गैसों की पहचान: हवा में मौजूद हानिकारक और जहरीली गैसों का तुरंत पता लगाएगा ताकि रेस्क्यू टीम सुरक्षित तैयारी के साथ अंदर जा सके।
- फंसे हुए लोगों की तलाश: जहां इंसानों के लिए देखना या पहुंचना मुश्किल होता है, वहां यह रोबोट मलबे और धुएं के बीच फंसे लोगों को खोजने का काम कर सकता है।
बता दें कि इस रोबोट को फायरफाइटर्स का पूरा विकल्प मानना अभी सही नहीं होगा। इसकी सबसे अहम भूमिका खतरनाक इलाके में शुरुआती रेकी और जानकारी जुटाने की है। यानी जहां इंसान के पहुंचने से पहले स्थिति का अंदाजा लगाना जरूरी हो, वहां रोबोट को आगे भेजा जा सकता है। इससे फायरफाइटर्स को आग की स्थिति समझने और बचाव अभियान की बेहतर तैयारी करने में मदद मिल सकती है।