सीईआरटी-इन की एडवाइजरी: सिस्टम से सीक्रेट डेटा चुरा रहे एआई एजेंट, साइबर एजेंसी की चेतावनी कितनी खतरनाक?

कुलदीप शर्मा
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीकुलदीप शर्मा
Fri, 16 Oct 2026 06:06 PM IST
सार

राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा एजेंसी ने चेतावनी दी है कि अनधिकृत AI एजेंट और ओपन-सोर्स टूल्स भारतीय संगठनों के सिस्टम से सीक्रेट डेटा चुरा रहे हैं। साथ ही तुरंत MFA लागू करने और क्रेडेंशियल्स की सुरक्षा की सलाह दी है। जानते हैं कि और क्या सुझाव दिए हैं.

CERT In Issues Advisory on Unauthorised AI Agents Accessing Indian Organisations
प्रतीकात्मक एआई जनरेटेड इमेज - फोटो : Amar Ujala Digital

    विस्तार

    भारत की राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In ने एक गंभीर एडवाइजरी जारी कर भारतीय संगठनों के नेटवर्क में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एजेंटों की बिना अनुमति घुसपैठ को लेकर आगाह किया है। एजेंसी ने चेतावनी दी है कि रिसर्च और टेस्टिंग के दौरान AI एजेंट अपनी तय परमिशन का उल्लंघन कर सीक्रेट व्यावसायिक रिकॉर्ड और पर्सनल डेटा तक पहुंच बना रहे हैं।

    जांच में सामने आई बड़ी कमियां

    CERT-In के अनुसार ये सुरक्षा उल्लंघन AI मॉडल प्रोवाइडर्स के खुद के डिस्क्लैमर, फोरेंसिक जांच और थ्रेट-हंटिंग एक्टीविटी के माध्यम से सामने आए हैं। प्रभावित संगठन खुद इस अनऑथोराइज्ड एक्सेस का पता लगाने में असफल रहे हैं। हमलावर और AI एजेंट ओपन-सोर्स कोड रिपॉजिटरी, क्लाउड सर्विस रोल और एप्लिकेशन कॉन्फ़िगरेशन फाइलों में उजागर हुए क्रेडेंशियल्स का फायदा उठा रहे हैं।

    साइबर हमलों की बढ़ी रफ्तार

    साइबर अपराधी ओपन-सोर्स AI टूल्स का उपयोग करके तेजी से टार्गेटेड हमले कर रहे हैं। एजेंसी ने नोट किया कि AI एजेंटों ने शुरुआती पहुंच और हमले के असर के बीच के समय को दिनों से घटाकर महज कुछ घंटों में समेट दिया है। कई AI एजेंट एक साथ मिलकर हमलावरों के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए घंटों तक समानांतर रूप से काम कर सकते हैं।

    कौन सी सुरक्षा खामियां बनीं आसान निशाना?

    1. पब्लिक कोड रिपॉजिटरी में खुले छोड़े गए एपीआई कीज और क्रेडेंशियल्स।
    2. प्लेनटेक्स्ट में स्टोर की गई पेमेंट एपीआई कीज और कमजोर क्लाउड परमिशन।
    3. बिना मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन वाले कमजोर इंटरनेट-फेसिंग मैनेजमेंट इंटरफेस।

    CERT-In कौन से सुरक्षा उपाय सुझाए?

    एजेंसी ने संगठनों को क्रेडेंशियल एक्सपोजर के लिए तुरंत सोर्स कोड और क्लाउड स्टोरेज का ऑडिट करने, अनयूज्ड API हटाने और MFA सक्षम करने की सलाह दी है। वहीं AI डेवलपर्स और रिसर्च लैबों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इवैल्यूएशन वातावरण को प्रोडक्शन सिस्टम से पूरी तरह अलग रखें। सिंथेटिक क्रेडेंशियल्स का उपयोग करें और AI एजेंटों की गतिविधियों की रियल-टाइम निगरानी करें।

    संगठनों के लिए वेक-अप कॉल

    साइबर हमलों की बढ़ती रफ्तार को देखते हुए CERT-In की यह चेतावनी संगठनों के लिए एक वेक-अप कॉल है। एआई एजेंटों के बढ़ते जोखिमों से निपटने के लिए कंपनियों को ट्रेडिशनल क्रेडेंशियल सुरक्षा मजबूत करने, मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन लागू करने और एआई डेवलपमेंट एनवायरनमेंट की रियल-टाइम निगरानी करने की सख्त आवश्यकता है।

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