काम की बात: लेदर फिनिश वाला फोन खरीद रहे हैं तो जान लें इसके फायदे और नुकसान? बाद में पछताना नहीं पड़ेगा
फ्लैगशिप और प्रीमियम फील के साथ Leather बैक पैनल के कुछ नुकसान भी हैं। इस रिपोर्ट में हम फोन के बैक में मिलने वाले लेदर फिनिश के फायदे और नुकसान के बारे में जानेंगे।

विस्तार
वीवो और शाओमी काफी समय से अपने प्रीमियम फ्लैगशिप फोन में लेदर जैसे बैक पैनल वाले फोन को लॉन्च कर रहे हैं। हाल ही में रियलमी ने भी अपनी नई नंबर सीरीज Realme 11 Pro plus में और मोटो ने अपने Motorola Edge 40 में लेदर बैक पैनल दिया है। ऐसा लगता है कि अब इन कंपनियों के लिए लेदर बैक पैनल फ्लैगशिप का पर्याय बन गया है। हाल ही में पेश किए गए Xiaomi 12S Ultra और Vivo X90 Pro+ जैसे फोन को भी लेदर बैक के साथ पेश किया गया है। लेकिन फ्लैगशिप और प्रीमियम फील के साथ इसके कुछ नुकसान भी हैं। इस रिपोर्ट में हम फोन के बैक में मिलने वाले लेदर फिनिश के फायदे और नुकसान के बारे में जानेंगे। चलिए देखते हैं।
Leather बैक पैनल के फायदे और नुकसान
अब कई कंपनियों के फ्लैगशिप और मिड रेंज फोन में लेदर जैसे बैक पैनल का इस्तेमाल किया जा रहा है। लेदर जैसे बैक पैनल वाला फोन न केवल अच्छा दिखता है बल्कि इसके साथ बैक कवर की जरूरत भी नहीं रहती है। साथ ही फोन प्रीमियम भी दिखता है। लेकिन इसके फायदों के साथ इसके कई नुकसान भी हैं।
सबसे महत्वपूर्ण है इसकी सर्विस लाइफ। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप इसकी कितनी भी देखभाल करें, यह आपकी जेब और डेस्क से घिस जाएगा। यदि आपको पसीना आता है और आपके हाथ अक्सर पसीने से तर रहते हैं, तो लेदर बैक पैनल आपके लिए बड़ी मुसीबत हो सकता है। कंपनियों के विज्ञापन में दावे होते हैं कि नए लेदर जैसा मैटेरियल खरोंच और गंदगी प्रतिरोधी हैं, जबकि सच्चाई यह है कि वे अधिकांश अन्य मैटेरियल की तरह टिकाऊ नहीं हैं।
लेदर बैक के साथ सबसे बड़ी समस्या यह है कि यह कम ड्यूरेबल होते हैं और जरा सी लापरवाही से इसकी थ्रेडिंग तक निकल सकती है, जिसे रिपेयर कराना काफी मुश्किल है। एक और समस्या जो अक्सर देखने मिलती है, वो ये कि लेदर बैक पैनल के साथ अलग से बैक कवर लगाया थोड़ा भारी हो जाता है।
यानी पहले से ही लेदर फिनिश वाले फोन थोड़े मोटे होते हैं ऊपर से बैक कवर लगाने पर यह फोन को ज्यादा ही मोटा कर देता है। लेदर बैक पैनल वाले फोन को बिना बैक कवर के ही इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है। बैक पैनल के अलग-अलग मैटेरियल वाला यह चार्ट आपकी काफी मदद कर सकता है।

रिसर्च क्या कहती है?
काउंटरप्वाइंट रिसर्च के अनुसार, कोविड के कारण कम से कम पर्सनल फोन का औसत रिप्लेसमेंट साइकल 40 महीने से अधिक रहेगा। इसका मतलब है कि ज्यादातर लोगों को एक फोन खरीदना होगा और उसे कम से कम 3 साल तक इस्तेमाल करना होगा, इसलिए यदि आप चाहते हैं कि आपका फोन जैसा है वैसा ही लंबे समय तक चले, तो फोन का लेदर-बैक वर्जन खरीदने से बचें।
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