सावधान: महामारी में मदद के नाम पर आपके साथ हो सकती है धोखाधड़ी, सोच-समझकर करें पेमेंट

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Sun, 25 Apr 2021 10:46 AM IST
सार

साइबर दोस्त ने एक ट्वीट में कहा है कि कोरोना मरीजों को फर्जी दवा उपलब्ध कराने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल हो सकता है।

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Beware of frauds with the name of covid 19 help you may be cheated
fake medicine - फोटो : cyberdost

    विस्तार

    कोरोना की दूसरी लहर से भारत में हाहाकार मचा है। कोई दवा के लिए परेशान है तो कई ऑक्सीजन के लिए और कोई अस्पताल में भर्ती होने के लिए जद्दोजहद कर रहा है। ऐसे में कुछ नेता और सामाजिक संस्थाएं लोगों की मदद के लिए आगे आए हैं। सोशल मीडिया की मदद से जरूरतमंदों को जरूरी सेवाएं दी जा रही हैं, लेकिन इसी बीच नामी सामाजिक संस्थाओं और लोगों के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को चूना लगाने वाले गैंग भी सक्रिय हो गए हैं। ये ठग दवा, अस्पताल में भर्ती, ऑक्सीजन सिलेंडर देने के नाम लोगों से पैसे ले रहे हैं और उसके बाद मोबाइल नंबर बंद करके गायब हो जा रहे हैं।

    गृह मंत्रायल के अधीन काम कर रहे साइबर ब्रांच साइबर दोस्त ने ट्वीट करके इस संबंध में लोगों को आगाह किया है। साइबर दोस्त ने ट्वीट करके कहा है कि ये ठग सोशल मीडिया के जरिए आपसे संपर्क करेंगे और कहेंगे कि वे आपकी मदद करना चाहते हैं। वे कहेंगे कि आपको अस्पताल में बेड मिल जाएगी और तमाम दवाईयां भी मिल जाएंगी जिनकी आपको जरूरत है।

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    इसके अलावा कुछ ठग ऐसे भी हैं जो खुद को किसी सामाजिक संस्था और एनजीओ का अधिकारी बताते हैं और फिर लोगों से पैसे लेते हैं। ये लोग डोनेशन के नाम पर लोगों से ठगी करते हैं। साइबर दोस्त ने लोगों को फर्जी दवा के बारे में भी आगाह किया है।

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    साइबर दोस्त ने एक ट्वीट में कहा है कि कोरोना मरीजों को फर्जी दवा उपलब्ध कराने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल हो सकता है। ऐसे में किसी भरोसेमंद दुकान से ही दवा लें। साथ ही पेमेंट करते समय भी पूरा ख्याल रखें।

    साइबर दोस्त ने साफतौर पर कहा है कि सोशल मीडिया के जरिए मिल रहे किसी भी मदद पर आंख मूंदकर भरोसा ना करें। मोबाइल नंबर, आधार नंबर जैसी जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर करने से बचें।

    कुछ टेलीग्राम ग्रुप की भी जानकारी मिली है जहां पर लोगों को मदद के नाम पर चूना लगाया जा सकता है। महाराष्ट्र पुलिस ने भी ऑनलाइन रेमिडिसेवर उपलब्ध कराने को लेकर अलर्ट किया है। महाराष्ट्र पुलिस की साइबर सेल ने ट्वीट करके कहा है कि ऑनलाइन रेमिडिसेवर देने का दावा करने वालों से सतर्क रहें। ये लोग आपसे पैसे लेकर गायब हो सकते हैं। ऑक्सीजन, बेड और दवा की होम डिलीवरी के लिए एडवांस पेमेंट लेने वालों से सावधान रहें।

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