पीएफ यूजर्स हो जाएं सावधान: UMANG और EPFO के नाम पर चल रहे फर्जी एप, जानें कैसे करें असली और नकली की पहचान
EPFO Alert:अगर आप प्रोविडेंट फंड का बैलेंस चेक करने, पासबुक देखने या क्लेम करने के लिए मोबाइल एप का इस्तेमाल करते हैं, तो सावधान हो जाइए। EPFO ने करोड़ों सदस्यों को चेतावनी दी है कि इंटरनेट और एप स्टोर पर उमंग और EPFO के नाम से कई फर्जी एप मौजूद हैं। ये देखने में असली जैसे लगते हैं, लेकिन इनका मकसद यूजर्स की निजी और बैकिंग जानकारी चुराना होता है। आइए जानते हैं यह स्कैम कैसे काम करता है और इससे कैसे बच सकते हैं।

विस्तार
Fake EPFO App:
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के अनुसार, साइबर अपराधी ऐसे मोबाइल एप तैयार कर रहे हैं, जो आधिकारिक उमंग या इफको एप जैसे दिखते हैं। ऐसे में कई यूजर्स असली और नकली में फर्क नहीं समझ पाते और फेक वाला ही डाउनलोड कर लेते हैं। फिर जैसे ही एप की ओर से मांगी गई अपनी जानकारी जैसे यूएएन, पासवर्ड और संवदेनशील जानकारी दर्ज करते हैं, वैसे ही सारा डाटा साइबर ठगों तक पहुंच जाता है। जिसका इस्तेमाल वह वित्तीय धोखाधड़ी या पहचान की चोरी के लिए किया जा सकता है।
फर्जी एप डाउनलोड करने पर कौन सी जानकारियां खतरे में पड़ सकती है
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- UAN नंबर और आपका EPFO पासवर्ड।
- रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और उस पर आने वाले ओटीपी।
- आपकी पहचान से जुड़े दस्तावेज जैसे जैसे आधार कार्ड, पैन नंबर और यूएएन।
- आपके बैंक अकाउंट की पूरी डिटेल्स और ईमेल आईडी भी हैकर्स के हाथ लग सकती है।
- डेवलपर का नाम: हमेशा चेक करें कि एप को किसने पब्लिश किया है। आधिकारिक एप का डेवलपर हमेशा सरकारी या अधिकृत संस्था ही होगी।
- डाउनलोड की संख्या: ऑफिशियल एप्स के डाउनलोड्स हमेशा लाखों या करोड़ों में होते हैं, जबकि फर्जी एप्स के डाउनलोड्स काफी कम होते हैं।
- यूजर रिव्यू : एप डाउनलोड करने से पहले नीचे दिए गए रिव्यू जरूर पढ़ें। अगर एप फेक है, तो कई यूजर्स ने कमेंट्स में इसकी शिकायत की होगी।
- स्पेलिंग की गलतियां: धोखेबाज अक्सर असली नाम में एक-दो लेटर्स की हेरफेर (जैसे UMANG की जगह UMAANG) कर देते हैं। इसलिए नाम की स्पेलिंग पर खास ध्यान दें।
- ऑफिशियल सोर्स का इस्तेमाल: किसी भी थर्ड-पार्टी वेबसाइट, अनजान लिंक या APK फाइल से एप डाउनलोड करने से बचें। हमेशा EPFO की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर दिए गए अधिकृत लिंक से ही एप इंस्टॉल करें।
अगर गलती से डाउनलोड हो गया है Fake App, तो क्या करें?
- तुरंत अनइंस्टॉल करें: उस संदिग्ध एप को अपने स्मार्टफोन से तुरंत डिलीट (Uninstall) कर दें।
- क्रेडेंशियल्स बदलें: अपने UAN से जुड़े पासवर्ड को तुरंत अपडेट करें और EPFO का लॉगिन पासवर्ड बदल लें।
- बैंक को सूचित करें: अपने बैंक अकाउंट और स्टेटमेंट पर लगातार नजर रखें। अगर आपने कोई OTP या बैंक डिटेल उस एप पर शेयर की थी, तो बिना देरी किए अपने बैंक को इसकी सूचना दें ताकि वे सुरक्षात्मक कदम उठा सकें।
- हेल्पलाइन की मदद लें: आपातकालीन स्थिति में तुरंत अपने बैंक और EPFO की आधिकारिक हेल्पलाइन से संपर्क स्थापित करें।
EPFO ने क्या सलाह दी है?
- इफको ने यूजर्स को साफ कहा है कि पीएफ से जुड़े सभी काम केवल आधिकारिक EPFO वेबसाइट या आधिकारिक UMANG एप के जरिए ही करें।
- किसी भी थर्ड-पार्टी वेबसाइट, APK फाइल या अनजान लिंक से ऐप डाउनलोड करने से बचें। किसी भी अनऑफिशियल या लुक-अलाइक एप पर भरोसा न करें।
साइबर ठगी से बचने के लिए रखें ये सावधानियां
- किसी भी एप को इंस्टॉल करने से पहले उसकी विश्वसनीयता की जांच जरूर करें।
- केवल आधिकारिक स्रोतों से ही एप डाउनलोड करें।
- अपनी UAN, OTP, पासवर्ड या बैंकिंग जानकारी किसी अनजान एप या वेबसाइट पर दर्ज न करें।