आईफोन-12: फ्रांस के बाद अब बेल्जियम और जर्मनी ने विकिरण पर उठाए सवाल; कंपनी ने आरोप नकारे
फ्रांस की नेशनल फ्रीक्वेंसी एजेंसी ने एपल को निर्देश दिया है कि पहले से इस्तेमाल हो रहे आईफोन-12 में विकिरण को तय मानकों के भीतर लाने के लिए सभी उपाय करें। अगर उपाय कारगर नहीं पाए गए तो कंपनी को सभी फोन वापस लेने होंगे।

विस्तार
फ्रांस के बाद अब बेल्जियम और जर्मनी ने भी आईफोन-12 पर तय मानकों से ज्यादा विकिरण फैलाने का आरोप लगाया है। बेल्जियम ने कहा है कि उनके लिए नागरिकों की सेहत और सुरक्षा सर्वोपरि है। वहीं, जर्मनी ने अमेरिका की निर्माता कंपनी एपल से स्पष्टीकरण मांगने की बात कही है।
इससे पहले, फ्रांस की नेशनल फ्रीक्वेंसी एजेंसी ने एपल को निर्देश दिया है कि पहले से इस्तेमाल हो रहे आईफोन-12 में विकिरण को तय मानकों के भीतर लाने के लिए सभी उपाय करें। अगर उपाय कारगर नहीं पाए गए तो कंपनी को सभी फोन वापस लेने होंगे। हालांकि एपल ने दावा किया है कि आईफोन-12 में कोई खराबी नहीं है। यह सभी विकिरण पैमानों पर खरा उतरता है।
फ्रांसीसी अनुभव के आधार पर होगी जांच
बेल्जियम के डिजिटल आर्थिक मंत्री मैथ्यू मिचेल ने बुधवार को कहा, फ्रांस के अनुभव के आधार पर हमें भी इसकी जांच करनी होगी। हमारा काम अपने लोगों की सेहत और सुरक्षा का ध्यान रखना है। उधर, जर्मनी के नेटवर्क नियामक बीनेट्जा ने भी कहा कि उनके यहां भी आईफोन-12 की जांच की जा सकती है। इस मामले में फ्रांसीसी अधिकारियों के साथ संपर्क किया गया है। जल्द ही कंपनी से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
फ्रांस का दावा, यूरोपीय संघ के मानक से ज्यादा है विकिरण
फ्रांसीसी एजेंसी के मुताबिक, आईएफोन-12 की जांच में पता चला कि हाथ में या जेब में रखे होने की स्थिति में फोन का विद्युत-चुंबकीय ऊर्जा अवशोषण 5.74 वाट प्रति किलोग्राम था। यह यूरोपीय संघ के 4 वाट प्रति किलोग्राम के मानक से ज्यादा है। यद्यपि डब्ल्यूएचओ ने प्रतिकूल प्रभाव नहीं देखा है।
एपल ने कहा- फोन सभी मापदंड पर खरा
एपल ने कहा कि आईफोन-12 को कई अंतरराष्ट्रीय निकायों से प्रमाणित किया गया है। यह दुनियाभर में विकिरण के मान्य विनियमों और मापदंडों पर खरा उतरता है। कंपनी और तृतीय पक्ष की प्रयोगशालाओं की तरफ से किए गए विभिन्न परीक्षणों के परिणाम फ्रांसीसी एजेंसी को सौंपे गए हैं।