ऑनलाइन शॉपिंग करते समय रहें सावधान

बीबीसी
Fri, 14 Oct 2016 06:33 PM IST
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 Be careful when shopping online
ऑनलाइन शॉपिंग - फोटो : BBC

    अगर आप ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं तो सावधान हो जाइए, हो सकता है कि वेब दुनिया में आपके द्वारा की जा रही खरीदारी पर हैकरों की नजर हो। और हो सकता है कि हैकर आपके द्वारा की जा रही ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान आपके क्रेडिट कार्ड का डेटा चुरा रहे हों। एक शोध से पता चला है कि ऑनलाइन शॉपिंग कराने वाली लगभग 6000 वेब शॉप साइटें आपके क्रेडिट कार्ड की जानकारियां चुरा कर उसका गलत उपयोग कर रही हैं।

    डच डेवलपर विलियम डी ग्रूट ने बताया कि आपका क्रेडिट कार्ड का कोड साइबर चोर द्वारा साइटों पर डाला जाता है। उन्होंने जांच में पाया कि लगभग 5925 ऐसी वेबसाइट हैं। उन्होंने कहा कि कुछ चोरी किए गए डेटा रूस सर्वर से भेजे गए थे। डी ग्रूट डच इ कॉमर्स साइट बाइट डॉट एनएल के सहसंस्थापक हैं। उन्होंने ब्लॉगस्पॉट में कहा कि हैकर सबसे अधिक उपयोग की जानेवाली साइटों को अपना निशाना बनाते हैं।

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    वे जब उन वेबसाइटों में अपना रास्ता बना लेते हैं उसके बाद वे उन साइटों से आपकी क्रेडिट कार्ड और दूसरी लेनदेन की जानकारियां चुरा लेते हैं। उन्होंने आगे कहा कि उस चोरी किए गए डेटा प्रति कार्ड 30 डॉलर के हिसाब से डार्क वेब मार्केट बेच देते हैं।

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    उन्होंने शोध में चोरी किए गए नौ अलग-अलग कोड्स का पता लगाया, जिसमें कई अलग-अलग हैकर समूह शामिल पाए गए। डी ग्रूट ने बताया कि वे तभी से हैकरों की जांच पडताल में लगे थे जबसे उनके कार्ड की जानकारियां चोरी हुईं थी।

    डी ग्रूट ने लिखते हैं कि यह एक महंगा मामला है

     ऑनलाइन शॉपिंग
    ऑनलाइन शॉपिंग - फोटो : BBC

    अगर ग्रूट के काम पर नजर डालें तो लगता है कि उन्होंने 2015 के अंत में हैकरों की जांच की शुरुआत की, लेकिन असल में उन्होंने मई 2015 में शोध शुरू कर दिया था। उसी वर्ष के अंत तक लगभग 3500 से अधिक साइटों के बारे में पता चल गया था। उसके बाद लगातार जारी जांच में डी ग्रूट ने 18 महीनों में ऐसी 5,925 साइटों का पता लगाया।

    हैकरों के चंगुल में कार निर्माता, फैशन कंपनियां, सरकारी साइटें और संग्रहालय शामिल थे। फिलहाल, डेटा चोरी होने के नए मामले अभी नहीं आ रहे हैं। क्योंकि अब स्टोर मालिक अपने सॉफ्टवेयर नियमित रूप से अपडेट कर रहे हैं। डी ग्रूट ने लिखते हैं कि यह एक महंगा मामला है और हर दुकानदार इसे नजरअंदाज भी कर देता है।

    डी ग्रूट बताते हैं कि कंपनियों की लिस्ट जारी करने के बाद कुछ स्टोर ने इसे संजीदगी से लिया है। ग्रूट ने बीबीसी को बताया कि मैं ग्राहकों से कहना चाहता हूं कि वे जब भी खरीददारी करें तो जानीमानी साइट जैसे पेपल पर ही विश्वास करें। जहां 100 से अधिक लोग सिर्फ वहां पर साइट और आपके द्वारा दी जा रही सूचना की सुरक्षा के लिए काम कर रहे हैं।

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