AVAS In EVs: अब इलेक्ट्रिक गाड़ियों की खामोशी होगी खत्म, लगवाना होगा ये खास 'साउंड सिस्टम'

नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीनीतीश कुमार
Fri, 09 Jan 2026 03:02 PM IST
सार

What Is AVAS In Electric Vehicles: इलेक्ट्रिक वाहनों से जुड़ी सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सड़क परिवहन मंत्रालय ने ई-रिक्शा से लेकर इलेक्ट्रिक कार और ट्रक तक में एकॉस्टिक व्हीकल अलर्टिंग सिस्टम (AVAS) को अनिवार्य कर दिया है। यह नियम नए और पुराने दोनों EV पर लागू होगा।

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avas system mandatory in electric vehicles in india from 1 october
1 अक्टूबर से ई-वाहनों पर लागू होगा नया नियम - फोटो : AI जनरेटेड

    विस्तार

    दुनिया भर में इलेक्ट्रिक गाड़ियों को इसलिए बढ़ावा दिया जा रहा है क्योंकि इनसे प्रदूषण नहीं फैलता। साथ ही इलेक्ट्रिक गाड़ियां चलते समय शोर भी नहीं करतीं जिससे ड्राइवर को कार में एक शांत ड्राइविंग अनुभव भी मिलता है। लेकिन इसकी यही खूबी सड़क पर चलने वालों के लिए मुसीबत बनती जा रही है। बिना किसी शोर के पीछे से आती गाड़ियों का लोगों को पता नहीं चलता, जिससे हादसों का खतरा बढ़ जाता है। इसी समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए भारत सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने एक बड़ा फैसला लिया है।

    क्या है AVAS सिस्टम और कब से होगा लागू?

    AVAS यानी एकॉस्टिक व्हीकल अलर्टिंग सिस्टम एक अहम सेफ्टी फीचर है, जो इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों में लगाया जाता है। इसमें लगे स्पीकर की मदद से वाहन एक खास तरह की आवाज निकालता है। इसका मुख्य काम सड़क पर पैदल चलने वाले लोगों को सतर्क करना होता है। इलेक्ट्रिक वाहन लगभग बिना आवाज के चलते हैं, जिस वजह से कई बार लोग इन्हें आते हुए सुन नहीं पाते और हादसों का खतरा बढ़ जाता है। AVAS सिस्टम वाहन के पास आने की आवाज देकर लोगों को पहले से सतर्क कर देता है।

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    यह नियम देश में 1 अक्टूबर 2026 से नई इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर लागू हो जाएगा। जो लोग पहले से इलेक्ट्रिक वाहन चला रहे हैं, उन्हें राहत देते हुए 1 अक्टूबर 2027 तक का समय दिया गया है ताकि वे अपनी गाड़ियों में यह सिस्टम फिट करवा सकें।

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    कौन-से वाहनों पर लागू होगा AVAS सिस्टम?

    • M कैटेगरी: इसमें पैसेंजर गाड़ियां जैसे इलेक्ट्रिक कारें और बसें शामिल हैं।
    • N कैटेगरी: सामान ढोने वाले इलेक्ट्रिक ट्रक और कार्गो वाहन।
    • L5 और L7 कैटेगरी: इसमें तीन-पहिया ऑटो-रिक्शा और भारी चार-पहिया क्वाड्रिसाइकिल (छोटे मालवाहक) आते हैं।
    • ई-रिक्शा और ई-कार्ट: स्थानीय स्तर पर चलने वाले छोटे ई-रिक्शा भी नियमों के तहत आएंगे।
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