रिसर्च में दावा: दिल से जुड़ी बीमारियों का पता लगाएगा AI, स्ट्रोक से 10 साल पहले ही मिल जाएगा अलर्ट
शोधकर्ताओं का कहना है कि यह एक एडवांस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रोग्राम है, जिसे सिंगल चेस्ट एक्स-रे (सीएक्सआर) इनपुट का उपयोग करके विकसित किया गया है।

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विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार हृदय रोग दुनियाभर में मौत का प्रमुख कारण बन गया है। हृदय रोग (कार्डियोवैस्कुलर हार्ट डिजीज) की वजह से हर साल लगभग 17.9 मिलियन (1 करोड़ 79 लाख) लोगों की जान जानें का अनुमान है। इसी जोखिम को देखते हुए शोधकर्ताओं ने एक लर्निंग मॉडल विकसित किया है, जो दिल के दौरे या एथेरोस्क्लेरोटिक हृदय रोग के कारण होने वाले स्ट्रोक से मरने की 10 साल की संभावना की भविष्यवाणी करता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि यह एक एडवांस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रोग्राम है, जिसे सिंगल चेस्ट एक्स-रे (सीएक्सआर) इनपुट का उपयोग करके विकसित किया गया है।
शोधकर्ताओं का कहना है कि कार्डियोवैस्कुलर हार्ट डिजीज के विनाशकारी परिणामों ने शोधकर्ताओं को हृदय रोग और जोखिम कारकों के इलाज और रोकथाम की दिशा में काम करने के लिए प्रेरित किया है। इस टेक्नोलॉजी को सीएक्सआर-सीवीडी जोखिम के रूप में जाना जाता है और इसे यूएसए में राष्ट्रीय कैंसर संस्थान द्वारा डिजाइन किए गए एक विशेष ट्रायल में इसका शोध और प्रशिक्षण किया जा रहा है। प्रशिक्षण में लगभग 11,430 बाह्य रोगियों के एक-दूसरे स्वतंत्र समूह का भी उपयोग किया गया, जिनमें से सभी के छाती का एक्स-रे का इस्तेमाल किया गया। दरअसल, यह उन्हें स्टैटिन थेरेपी के लिए संभावित रूप से योग्य बनाया है, जो दिल के दौरे के जोखिम में मदद करने के लिए एक प्रकार का निवारक है।
अध्ययन के निष्कर्ष उत्तरी अमेरिका के रेडियोलॉजिकल सोसायटी की वार्षिक बैठक (आरएसएनए) में प्रस्तुत किए गए थे। डीप लर्निंग एक प्रकार की एडवांस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) है, जिसे बीमारी से संबंधित पैटर्न के लिए एक्स-रे इमेज को खोजने के लिए प्रशिक्षित किया जा सकता है। मैसाचुसेट्स में कार्डियोवास्कुलर इमेजिंग रिसर्च सेंटर से संबद्ध एक रेडियोलॉजिस्ट, अध्ययन के प्रमुख लेखक, एम.डी. बोस्टन जैकब वीस ने कहा कि इस प्रकार की स्क्रीनिंग का उपयोग उन व्यक्तियों की पहचान करने के लिए किया जा सकता है जो स्टैटिन दवा से लाभान्वित होंगे लेकिन वर्तमान में अनुपचारित हैं।
वर्तमान दिशानिर्देश प्रमुख प्रतिकूल हृदय रोग की घटनाओं के 10 साल के जोखिम का अनुमान लगाने की सलाह देते हैं ताकि यह स्थापित किया जा सके कि प्राथमिक रोकथाम के लिए स्टैटिन किसे प्राप्त करना चाहिए। इस जोखिम की गणना एथेरोस्क्लेरोटिक हृदय रोग (एएससीवीडी) जोखिम स्कोर का उपयोग करके की जाती है, एक सांख्यिकीय मॉडल जो आयु, लिंग, जाति, सिस्टोलिक रक्तचाप, हाइपरटेंशन ट्रीटमेंट, धूम्रपान, टाइप 2 डायबिटीज और ब्लड टेस्ट सहित कई वेरियेवल्स पर विचार करता है। इसमें से 7.5 फीसदी या इससे अधिक 10 साल के जोखिम वाले रोगियों के लिए स्टैटिन दवा की सिफारिश की जाती है।