AI In Courts: सुप्रीम कोर्ट में भी एआई की एंट्री, 18 भाषाओं में फैसले होंगे ट्रांसलेट

नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीनीतीश कुमार
Sun, 23 Mar 2025 02:19 PM IST
सार

केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने राज्यसभा में जानकारी दी कि सुप्रीम कोर्ट में संविधान पीठ के मामलों में एआई की मदद से मौखिक दलीलों को ट्रांसक्राइब किया जा रहा है।

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Artificial intelligence helping in transcription of cases in 18 indian languages in supreme court
एआई के इस्तेमाल से फैलसे होंगे ट्रांस्क्राइब - फोटो : अमर उजाला

    विस्तार

    भारत के सर्वोच्च न्यायालय सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में भी अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। न्यायालय में न्यायिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी और तेज बनाने के उद्देश्य से एआई का इस्तेमाल शुरू हो चुका है। एआई का इस्तेमाल मुख्य रूप से मौखिक दलीलों को लिखने, केस फाइलिंग और कानूनी दस्तावेजों के अनुवाद में किया जा रहा है। इसका उपयोग न्यायायिक फैसले लेने में नहीं किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य न केवल अदालत के कार्यों में गति लाना है, बल्कि न्यायाधीशों को कानूनी शोध में भी सहायता प्रदान करना है।

    संविधान पीठ के मामलों में हो रहा एआई का उपयोग

    केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने राज्यसभा में जानकारी दी कि सुप्रीम कोर्ट में संविधान पीठ के मामलों में एआई की मदद से मौखिक दलीलों को ट्रांसक्राइब किया जा रहा है। ये ट्रांसक्रिप्ट्स सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराए जाते हैं। साथ ही, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के सहयोग से, सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री अंग्रेजी से 18 भारतीय भाषाओं में फैसलों का अनुवाद करने के लिए एआई टूल्स का उपयोग कर रही है। इन भाषाओं में हिंदी, तमिल, बंगाली, तेलुगु, मराठी, उर्दू, गुजराती, कन्नड़, पंजाबी, मलयालम, असमिया, ओड़िया, नेपाली, कश्मीरी, कोंकणी, संताली, गारो और खासी शामिल हैं।

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    आईआईटी मद्रास के साथ मिलकर हो रहा परीक्षण

    सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने आईआईटी मद्रास के सहयोग से एआई और एमएल आधारित प्रोटोटाइप टूल्स विकसित किए हैं। ये टूल्स इलेक्ट्रॉनिक फाइलिंग मॉड्यूल और केस मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर (ICMIS) से इंटीग्रेट किए जाएंगे। साथ ही, लगभग 200 एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड को इन टूल्स तक पहुंच प्रदान की गई है, ताकि वे इसके प्रभाव और उपयोगिता को समझ सकें।

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    न्यायिक फैसलों में नहीं होगा एआई का इस्तेमाल

    सरकार ने स्पष्ट किया है कि न्यायिक फैसले लेने में एआई की कोई भूमिका नहीं होगी। फिलहाल इसका उपयोग केवल संविधान पीठ की सुनवाई के दौरान ट्रांसक्रिप्शन और अनुवाद के लिए किया जा रहा है। भविष्य में इसे नियमित सुनवाई के दौरान भी अपनाने की योजना है।

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