Apple के नए AI फीचर्स: आंखों के इशारे से चलेगी व्हीलचेयर! एपल ने WWDC 2026 से पहले पेश किए 5 जबरदस्त एआई फीचर

Suyash Pandey
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीSuyash Pandey
Fri, 22 May 2026 03:39 PM IST
सार

Apple Accessibility Features:

एपल ने WWDC 2026 से पहले आईफोन, आईपैड, मैक, एपल टीवी और विजन प्रो के लिए कई नए एआई-पावर्ड एक्सेसिबिलिटी फीचर्स पेश किए हैं। इनमें स्मार्ट वॉइसओवर, एआई-जनरेटेड कैप्शंस, बेहतर वॉइस कंट्रोल, लाइव रिकग्निशन और विजन प्रो के जरिए आंखों से व्हीलचेयर कंट्रोल जैसी सुविधाएं शामिल हैं। एपल इंटेलिजेंस की मदद से ये फीचर्स विजुअली इंपेयर्ड, हियरिंग-इम्पेयर्ड और मोबिलिटी चैलेंजेस वाले यूजर्स के लिए डिवाइसेज को और ज्यादा उपयोगी और स्मार्ट बनाएंगे।

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Apple Unveils AI-Powered Accessibility Features For iPhone, Mac And Vision Pro Ahead Of WWDC 2026
एपल विजन प्रो - फोटो : एपल

    विस्तार

    एपल अपने सालाना डेवलपर इवेंट (WWDC 2026) से कुछ ही दिन पहले यूजर्स के लिए शानदार एआई-पावर्ड एक्सेसिबिलिटी फीचर्स लेकर आया है। ये अपडेट्स विशेष रूप से आईफोन, आईपैड, मैक, एपल टीवी और विजन प्रो के लिए पेश किए गए हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य उन यूजर्स को तकनीक के इस्तेमाल में और ज्यादा आसानी और आजादी देना है, जिन्हें देखने, सुनने या बोलने में किसी तरह की परेशानी होती है।

    1. स्मार्ट वॉइसओवर और लाइव रिकग्निशन

    एपल का लोकप्रिय स्क्रीन-रीडिंग फीचर वॉइसओवर अब 'एपल इंटेलिजेंस' की शक्ति के साथ पहले से कहीं अधिक स्मार्ट और सक्षम हो गया है। इस अपडेट के साथ, तस्वीरों को समझने की इसकी क्षमता में बड़ा सुधार किया गया है। अब, अगर आप अपने आईफोन कैमरे को किसी बिल या डॉक्यूमेंट पर पॉइंट करते हैं तो यह फीचर न केवल उसे स्कैन करता है। बल्कि आपको बोलकर विस्तार से बता देता है कि बिल का कुल अमाउंट कितना है या उसकी भुगतान तिथि क्या है।

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    इतना ही नहीं, लाइव रिकग्निशन फीचर की मदद से यूजर्स अपने आस-पास की चीजों और टेक्स्ट को रियल-टाइम में पहचान सकते हैं। यह फीचर इतना इंटेलिजेंट है कि आप अपने परिवेश के बारे में इससे फॉलो-अप सवाल भी पूछ सकते हैं। इसके अलावा, दृष्टिबाधित या कम रोशनी में देखने वाले यूजर्स की सुविधा के लिए आईफोन के एक्शन बटन को मैग्नीफायर टूल के साथ जोड़ा गया है। अब एक सिंगल क्लिक से आप मैग्नीफायर ओपन कर सकते हैं और उसे जूम इन या फ्लैशलाइट ऑन करो जैसी सरल वॉइस कमांड्स से आसानी से कंट्रोल कर सकते हैं।

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    2. नेचुरल वॉइस कंट्रोल

    एपल ने अपने वॉइस कंट्रोल सिस्टम को भी और अधिक मानवीय और सरल बना दिया है। अब आपके एपल डिवाइसेज आपकी आम बोलचाल की भाषा को कहीं बेहतर ढंग से समझने में सक्षम हैं। इससे स्क्रीन पर मौजूद चीजों को नेविगेट करना बेहद आसान हो गया है। अब आपको जटिल कमांड्स याद रखने की जरूरत नहीं है। आप बस प्राकृतिक भाषा में निर्देश देकर अपना काम करवा सकते हैं। उदाहरण के तौर पर, अगर आप फाइल्स ऐप का उपयोग कर रहे हैं तो आपको बस यह कहना होगा। पर्पल फोल्डर पर टैप करो। आपका डिवाइस न केवल आपकी बात को तुरंत समझ लेगा, बल्कि बिना किसी देरी के उस निर्देश का पालन करते हुए फोल्डर को ओपन भी कर देगा।

    3. एडवांस रीडर मोड

    एपल ने अपने रीडर मोड को और अधिक शक्तिशाली और उपयोगी बना दिया है। अब यह फीचर जटिल और भारी-भरकम डॉक्यूमेंट्स को भी बड़ी सहजता के साथ प्रोसेस करने में सक्षम है। इसमें टेबल्स, इमेजेस और वैज्ञानिक शोध-पत्र जैसे कठिन फॉर्मेट भी शामिल हैं। इसके अलावा, अब यूजर्स किसी भी बड़े आर्टिकल की एआई-पावर्ड समरी चुटकियों में तैयार कर सकेंगे। सबसे खास बात यह है कि आप ऑरिजनल फॉर्मेटिंग, फोंट्स और रंगों को बरकरार रखते हुए कंटेंट को किसी दूसरी भाषा में अनुवाद भी कर सकते हैं। ये इसे पढ़ने और समझने के अनुभव को पहले से कहीं ज्यादा आसान बनाता है।

    4. वीडियो के लिए एआई लाइव कैप्शन

    अब उन वीडियो को समझने के लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है जिनमें सबटाइटल्स नहीं दिए गए हैं। एपल का नया एआई-पावर्ड फीचर अब वीडियो के लिए अपने आप सटीक कैप्शन तैयार कर देगा। यह कमाल की सुविधा न केवल आपके के जरिए रिकॉर्ड किए गए वीडियो पर काम करेगी।

    बल्कि दोस्तों या परिवार के जरिए भेजे गए वीडियो क्लिप्स के लिए भी प्रभावी होगी। इतना ही नहीं, यूजर्स को अपनी सुविधा के अनुसार स्क्रीन पर कैप्शन का साइज और स्टाइल कस्टमाइज करने की पूरी आजादी मिलेगी, जिससे देखने का अनुभव और भी सहज हो जाएगा।

    5. विजन प्रो से आंखों के इशारे से चलेगी व्हीलचेयर

    एपल विजन प्रो के लिए कंपनी एक बेहद क्रांतिकारी और अनोखा प्रोजेक्ट लेकर आई है, जो तकनीक को एक नए स्तर पर ले जाता है। इस नई सुविधा की मदद से अब सपोर्टेड व्हीलचेयर को सिर्फ आंखों के मूवमेंट के जरिए कंट्रोल किया जा सकेगा। एपल का दावा है कि यह सिस्टम विभिन्न प्रकार की लाइटिंग स्थितियों में बिना किसी बार-बार रीकैलिब्रेशन की जरूरत के सटीकता से काम करेगा। फिलहाल, इसकी शुरुआत अमेरिका में की जा रही है, जहां यह Tolt और LUCI ड्राइव सिस्टम्स के साथ काम करेगा।

    कुछ अन्य जरूरी अपडेट्स और कब मिलेंगे ये फीचर्स?

    इन प्रमुख फीचर्स के अलावा, एपल ने एक्सेसिबिलिटी को और बेहतर बनाने के लिए कई छोटे लेकिन महत्वपूर्ण बदलाव भी किए हैं। सुनने में अक्षम लोगों के लिए नेम-रिकग्निशन फीचर अब 50 अलग-अलग भाषाओं को सपोर्ट करेगा। इससे संवाद और भी आसान हो जाएगा। साथ ही, एपल टीवी यूजर्स के लिए अब लार्ज टेक्स्ट का विकल्प भी आ रहा है। इतना ही नहीं, मेड फॉर आईफोन हियरिंग एड्स का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स अब अपने हियरिंग एड्स को अलग-अलग एपल डिवाइसेज के बीच कहीं ज्यादा आसानी और तेजी से स्विच कर सकेंगे।

    एपल ने स्पष्ट किया है कि ये सभी एक्सेसिबिलिटी फीचर्स इस साल के अंत तक यूजर्स के लिए उपलब्ध करा दिए जाएंगे। उम्मीद की जा रही है कि इन्हें आगामी प्रमुख आईओएस अपडेट के हिस्से के रूप में रोलआउट किया जाएगा। यह कदम तकनीक को समावेशी बनाने की दिशा में एपल की एक बड़ी पहल है। इससे दुनिया भर के लाखों यूजर्स के लिए डिजिटल अनुभव को पूरी तरह बदल जाएगा। एपल ने पुष्टि की है कि ये सभी नए एक्सेसिबिलिटी फीचर्स इस साल के अंत तक रोलआउट कर दिए जाएंगे। उम्मीद है कि ये फीचर्स आने वाले नए आईओएस अपडेट का हिस्सा होंगे।

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