खुश रहना है तो सिर्फ खुद के प्रति जवाबदेह बनिए, 4 लोगों के प्रति नहीं- एप्पल के को-फाउंडर वोज्नियाक

आजकल लोगोंं के पास पहले से ज्यादा सुविधाएं हैं लेकिन बावजूूद इसके किसी के पास पल भर की खुशी नहीं है। हर एक आदमी खुशी की तलाश में है। दुनिया की सबसे बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनी एप्पल के को-फाउंडर Steve Wozniak ने अपने खुश करने का राज दुनिया के सामने शेयर किया है। स्टीव वोज्नियाक का कहना है कि जिंदगी में खुश रहने के लिए पैसों से ज्यादा जिंदगी जीने का तरीका मायने रखता है।
दरअसल वोज्नियाक से कैलीफोर्निया में एक कार्यक्रम के दौरान पूछा गया कि उनके हर वक्त मुस्कुराते रहने का क्या राज है? इस पर स्टीव ने कहा कि अगर उनके पास इतनी दौलत ना भी होती तो भी वे हंसते ही रहते। उन्होंने कहा कि उन्होंने 20 साल की उम्र में ही खुश रहने का तरीका खोज लिया था और ये तरीका है परेशानियों को खुद पर हावी ना होने देना और हर वक्त खुश रहने के बहाने खोजना। जिंदगी में हमारी जवाबदेही सिर्फ एक आदमी के प्रति होनी चाहिए- खुद के प्रति।
वोज्नियाक ने आगे बताया, ' मैं जब 20 साल का था तभी समझ में आ गया था कि जिंदगी में असली खुशी कैसे मिलेगी। इसके लिए मैं काम को दफ्तर से बाहर लेकर नहीं जाने वाला तरीका अपनाया। आज तक अपने फोन में एप्पल का कोई ऐप डाउनलोड नहीं किया। जब हमारी कार पर कोई स्क्रैच लग जाता है तो क्या हम जिंदगी भर उसका गम मनाते रहते हैं? नहीं। हम जल्द से जल्द अपनी कार को ठीक कराते हैं और थोड़ी सावधानी के साथ वापस इसकी सवारी का आनंद लेने लगते हैं।
जिंदगी भी इसी तरह चलती रहती है। मैं अगर अपने दोस्तों के साथ मजाक करूं, परिवार के साथ वक्त बिताऊं और आज मर जाऊं तो कोई मलाल नहीं रहेगा। मैं ये नहीं चाहता कि दोस्तों के साथ बैठकर फोन पर एप्पल के शेयर खरीदता-बेचता रहूं या टेक्नोलॉजी के बारे में बातें करता रहूं।मैं आखिरी में कहूंगा कि कभी किसी से बहस मत करिए। शायद आपके तर्क खत्म हो जाएं, लेकिन बहस कभी खत्म नहीं होती। हर बहस में एक पक्ष हमेशा हारता है।'