Apple Vision Pro: एपल की ओर से विजन प्रो का उत्पादन कम करने की चर्चाएं, जानें क्या है असली वजह?

जागृति
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीजागृति
Sat, 03 Jan 2026 05:15 PM IST
सार

Apple Production Cut:

उपभोक्ता मांग उम्मीद से कम रहने के कारण एपल ने विजन प्रो हेडसेट के उत्पादन और मार्केटिंग में बड़ी कटौती की है। 2025 में प्रोडक्शन लगभग रोक दिया गया है और प्रमुख बाजारों में विज्ञापन खर्च भी घटाया गया है। जानें इसके पीछे की प्रमुख वजह?

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Apple biggest project failed Demand plummeted everything from showroom displays advertisements  disappeared
एपल विजन प्रो। - फोटो : apple

    विस्तार

    एपल ने अपने मिक्स्ड-रियलिटी हेडसेट विजन प्रो के उत्पादन और मार्केटिंग में बड़ी कटौती की है। फाइनेंसियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार उपभोक्ता मांग उम्मीद से काफी कम रहने के कारण फिलहाल कंपनी ने इस प्रोडक्ट से दूरी बना ली है। जाेकि एपल के लिए एक दुर्लभ स्थित है, क्योंकि कंपनी आमतौर पर अपने नए प्रोडक्ट्स को सफलतापूर्वक स्थापित करती है।उत्पादन में भारी कटौती के संकेतअंतर्राष्ट्रीय डेटा निगम (IDC) के अनुमान के अनुसार एपल के चीनी मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर कि एप्पल के चीनी मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर लक्सशेयर ने 2024 में Vision Pro की लगभग 3.9 लाख यूनिट तैयार की थीं। यही इसकी लॉन्चिग का साल भी था, 2025 में Vision Pro का उत्पादन लगभग पूरी तरह रोक दिया गया। छुट्टियों के सीजन को शामिल करते हुए 2025 की चौथी तिमाही में सिर्फ 45 हजार यूनिट शिप होने की उम्मीद है, जो मांग में आई गिरावट को साफ दर्शाता है।

    रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और यूनाइटेड किंगडम जैसे प्रमुख बाजारों में विजन प्रो के डिजिटल विज्ञापन खर्च में भारी कटौती की गई है। इसके साथ ही, एपल ने इस डिवाइस को नए देशों में लॉन्च करने की योजनाओं को भी फिलहाल टाल दिया है।विजन प्रो के बारे में?लगभग 3,499 (करीब 2.9 लाख रुपये) की कीमत वाला विजन प्रो तकनीकी रूप से बेहद उन्नत है, लेकिन इसकी ऊंची कीमत ने इसे आम लोगों की पहुंच से दूर रखा। इसके अलावा, ज्यादा वजन, सीमित बैटरी लाइफ और एप इकोसिस्टम की कमी को लेकर भी इसे आलोचना का सामना करना पड़ा, जिससे इसका मास-मार्केट अपील कमजोर रही।

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    एपल ने अक्तूबर 2025 में विजन प्रो का अपग्रेडेड वर्जन पेश किया था। जिसमें नया एम5 चिप, बेहतर हेडबैंड और सुधरी हुई बैटरी लाइफ शामिल थी। इसके बावजूद, डिमांड में कोई बड़ा उछाल नहीं देखने को मिला। अब कंपनी 2026 में एक सस्ता वेरिएंट लाने पर विचार कर रही है, जिससे ज्यादा ग्राहकों तक पहुंच बनाई जा सके।क्या कहती है काउंटरपॉइंट रिसर्च?काउंटरपॉइंट रिसर्च के अनुसार, ग्लोबल प्रीमियम वर्चुअल रियलिटी हेडसेट बाजार में साल-दर-साल 14 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं मेटा के Quest डिवाइसेज लगभग 80 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी के साथ इस सेगमेंट पर हावी हैं। करीब 370 डॉलर (लगभग 30,000 रुपये ) की कीमत वाले Quest हेडसेट्स की तुलना में विजन प्रो कहीं ज्यादा महंगा साबित होता है।

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    क्या एपल का फोकस एआई की ओर?

    विजन प्रो के प्रचार से पीछे हटना यह दिखाता है कि मिक्स्ड-रियलिटी टेक्नोलॉजी को शुरुआती उत्साही यूजर्स से आगे बढ़ाना कितना चुनौतीपूर्ण है। ऐसे में एपल अब 2026 में एआई-चालित गैजेट्स और सेवाओं पर ज्यादा ध्यान देने की तैयारी कर रहा है। हालांकि, iPhone, Mac और सर्विसेज जैसे एपल के मुख्य बिजनेस अब भी मजबूत स्थिति में बने हुए हैं।

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