Anthropic: एक और एआई कंपनी ने भारत में खोला ऑफिस, बेंगलुरु में एंथ्रोपिक बनाएगा क्लाउड एआई हब
ओपनएआई के बाद अब एंथ्रोपिक ने भी भारत में कदम रखा है। कंपनी ने बेंगलुरु में अपना पहला ऑफिस खोला है, जहां से क्लाउड एआई के जरिए शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि जैसे क्षेत्रों में एआई समाधानों पर काम किया जाएगा।

विस्तार
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की दुनिया में तेजी से उभर रही अमेरिकी कंपनी एंथ्रोपिक ने भारत में अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी है। कंपनी ने अपने पहले भारतीय ऑफिस की शुरुआत बेंगलुरु में की है। यह कदम ऐसे समय में आया है जब हाल ही में चैटजीपीटी की निर्माता कंपनी ओपनएआई ने भी भारत में अपने संचालन की शुरुआत नई दिल्ली से की थी।
भारत एक महत्वपूर्ण बाजार
एंथ्रोपिक के सीईओ और सह-संस्थापक डेरियो अमोडेई ने कहा कि भारत उनके लिए एक महत्वपूर्ण बाजार है क्योंकि यहां तकनीकी प्रतिभा का विशाल भंडार है और सरकार भी यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि एआई के लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचें। उन्होंने कहा, “भारत का तकनीकी इकोसिस्टम और सरकार की एआई को लेकर स्पष्ट दृष्टि, हमारे विस्तार के लिए इसे एक आदर्श स्थान बनाती है।” कंपनी ने बताया कि बेंगलुरु को अपने पहले भारतीय केंद्र के रूप में इसलिए चुना गया क्योंकि यह शहर टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और स्टार्टअप्स का हब है। यह एंथ्रोपिक का इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में दूसरा ऑफिस है। इससे पहले कंपनी ने टोक्यो, जापान में अपना केंद्र स्थापित किया था।
समाज और अर्थव्यवस्था के लिए लाभकारी एआई बनाने का लक्ष्य
सीईओ अमोडेई इस हफ्ते भारत यात्रा पर हैं। उनका उद्देश्य भारतीय सरकार, स्टार्टअप्स और इंडस्ट्री लीडर्स से मिलकर ऐसे जिम्मेदार एआई सिस्टम विकसित करना है जो समाज और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए लाभकारी हों। कंपनी की योजना शिक्षा, स्वास्थ्य, और कृषि जैसे प्रमुख क्षेत्रों में एआई आधारित समाधान विकसित करने की है। इसके लिए एंथ्रोपिक भारतीय उद्यमों, गैर-लाभकारी संगठनों और स्टार्टअप्स के साथ साझेदारी करेगा ताकि एआई को सामाजिक विकास का उपकरण बनाया जा सके।
भारतीय कंपनियों की लगातार बढ़ रही है एआई मांग
एंथ्रोपिक के चीफ कमर्शियल ऑफिसर पॉल स्मिथ ने कहा कि भारत में बड़ी संख्या में कंपनियां और स्टार्टअप्स ऐसे भरोसेमंद और सुरक्षित एआई मॉडल्स की मांग कर रहे हैं जो बड़े पैमाने पर काम कर सकें। उन्होंने बताया कि एंथ्रोपिक को भारत के तेजी से बढ़ते इनोवेशन इकोसिस्टम से काफी उम्मीदें हैं, जहां स्टार्टअप्स, डेवलपर्स और बड़े उद्यम मिलकर वैश्विक स्तर पर प्रभाव डाल सकते हैं।
भारत में कैसे काम करेगा क्लाउड एआई?
भारत में यूजर्स अब एंथ्रोपिक के क्लाउड एआई मॉडल्स को कई प्लेटफॉर्म्स पर इस्तेमाल कर सकते हैं, जिनमें शामिल हैं-
- एंथ्रोपिक एपीआई
- अमेजन बेडरॉक
- गूगल क्लाउड वर्टेक्स एआई
इसके अलावा, डेवलपर्स के लिए क्लाउड कोड नाम का एक टूल भी उपलब्ध कराया गया है जो नेचुरल लैंग्वेज कमांड्स के जरिए कोडिंग प्रक्रिया को तेज और आसान बनाता है।
एंथ्रोपिक की वैश्विक उपस्थिति
एंथ्रोपिक वर्तमान में 3 लाख से ज्यादा व्यवसायों को अपनी एआई सेवाएं दे रही है, जिनमें से करीब 80% उपयोग अमेरिका के बाहर से आते हैं। भारत में इमर्जेंट जैसी एआई कंपनियां पहले से ही क्लाउड के टूल्स को अपने प्लेटफॉर्म्स में इंटीग्रेट कर चुकी हैं।
भारत बना क्लाउड एआई का दूसरा सबसे बड़ा बाजार
ओपनएआई की तरह ही भारत, एंथ्रोपिक के क्लाउड एआई चैटबॉट के लिए दूसरा सबसे बड़ा बाजार बन गया है। यहां बड़ी संख्या में उपयोगकर्ता क्लाउड का इस्तेमाल मोबाइल यूआई डेवलपमेंट, वेब एप डिबगिंग और अन्य तकनीकी कार्यों के लिए कर रहे हैं। कंपनी ने बताया कि वह अब क्लाउड को हिंदी सहित 12 प्रमुख भारतीय भाषाओं में प्रशिक्षित करने पर काम कर रही है, जिनमें बंगाली, तमिल, मराठी और तेलुगु शामिल हैं। इसका उद्देश्य शिक्षा और सरकारी क्षेत्र में एआई के उपयोग को आसान बनाना है।
आगे की क्या हैं योजनाएं?
एंथ्रोपिक की अगली योजना भारत में शिक्षा और पब्लिक हेल्थ प्रोजेक्ट्स के लिए एआई आधारित लर्निंग टूल्स विकसित करने की है। कंपनी स्थानीय संगठनों के साथ मिलकर ऐसे एआई समाधानों पर काम कर रही है जो लाखों छात्रों और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान कर सकें।