Anthropic: एआई पर ब्रेक लगाने की मांग, इंसानी नियंत्रण से बाहर हो सकते हैं अगले जनरेशन के मॉडल
दिग्गज एआई कंपनी एंथ्रोपिक (Anthropic) ने दुनिया में सबसे ताकतवर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विकास पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है। कंपनी ने चेतावनी दी है कि मशीनें जल्द इंसानी नियंत्रण से बाहर हो सकती हैं, इसलिए तकनीक से पहले सुरक्षा नियमों को मजबूत करना बेहद जरूरी है।

विस्तार
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में एक बड़ी बहस छिड़ गई है। Claude AI मॉडल बनाने वाली अमेरिकी कंपनी एंथ्रोपिक ने सुझाव दिया है कि दुनिया को सबसे शक्तिशाली AI सिस्टम के विकास की रफ्तार कम करने या कुछ समय के लिए रोकने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
सैन फ्रांसिस्को स्थित कंपनी का मानना है कि नई पीढ़ी के AI मॉडल ऐसे संकेत दिखाने लगे हैं, जिनसे भविष्य में उनके इंसानी नियंत्रण से बाहर होने की आशंका पैदा हो सकती है। कंपनी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि यदि समाज, सरकारें और शोध संस्थान AI की प्रगति के साथ कदम नहीं मिला पाए, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।अकेली कंपनी रुकी तो प्रतिस्पर्धी निकल जाएंगे आगे
- एंथ्रोपिक का कहना है कि केवल एक कंपनी द्वारा AI विकास रोक देने से कोई फायदा नहीं होगा। ऐसी स्थिति में अन्य कंपनियां तेजी से आगे बढ़ जाएंगी।
- कंपनी के मुताबिक, प्रभावी विराम तभी संभव है जब अमेरिका, चीन समेत कई देशों की प्रमुख AI कंपनियां एक साथ विकास रोकने पर सहमत हों और इसके लिए ऐसे नियम बनाए जाएं जिनकी स्वतंत्र रूप से जांच भी की जा सके।
- रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक समन्वय के बिना कंपनियों और सरकारों को सुरक्षा तथा प्रतिस्पर्धा के बीच कठिन फैसले लेने पड़ेंगे।
उद्योग और सरकार से मिला विरोध
एंथ्रोपिक की इस सोच को लेकर तकनीकी उद्योग और अमेरिकी प्रशासन के कुछ अधिकारियों ने सवाल भी उठाए हैं। आलोचकों का कहना है कि कंपनी संभावित खतरों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रही है और सुरक्षा के नाम पर प्रतिस्पर्धियों की रफ्तार कम करना चाहती है।
हालांकि, व्हाइट हाउस ने कंपनी के शक्तिशाली Mythos AI मॉडल की क्षमता को स्वीकार किया है। साइबर सुरक्षा से जुड़ी इसकी उन्नत क्षमताओं के कारण इसे अभी आम लोगों के लिए उपलब्ध नहीं कराया गया है। फिलहाल इसका इस्तेमाल केवल चुनिंदा और सत्यापित संस्थाओं तक सीमित है।चीन-अमेरिका में है आगे निकलने ही होड़एंथ्रोपिक की मांग को लागू करना आसान नहीं दिखता। अमेरिका और सिलिकॉन वैली के कई अधिकारी पहले ही कह चुके हैं कि AI विकास में किसी भी तरह की धीमी गति चीन को रणनीतिक बढ़त दे सकती है।
दिलचस्प बात यह है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने हाल ही में बीजिंग यात्रा के दौरान चीन के साथ एआई सुरक्षा सहयोग पर चर्चा करने की बात कही थी। इसके अलावा उन्होंने इस सप्ताह एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत अमेरिका के सबसे शक्तिशाली AI मॉडलों की लॉन्चिंग से पहले 30 दिनों की सरकारी समीक्षा की जा सकेगी।
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