रेलवे का ऐप बताएगा आपकी ट्रेन की सभी जानकारी

ट्रेन कितने प्लेटफॉर्म नंबर पर आएगी, इसकी जानकारी अब आपको घर बैठे मिल जाएगी। इसके लिए स्टेशन पर सूचना बोर्ड या पूछताछ काउंटर पर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। रेलवे एक ऐसा ऐप विकसित कर रहा है जिसमें ट्रेन से जुड़ी हर तरह की जानकारी होगी। ऐप से आप ट्रेन कितने बजे प्लेटफार्म पर पहुंचेगी, किस नंबर प्लेटफार्म पर आएगी और आपका आरक्षित बर्थ कहां लगा हुआ है, इन सबकी जानकारी मिल जाएगी।
रेलवे के दिल्ली मंडल ने इस ऐप को तैयार करने का पहला चरण पूरा कर लिया है। दिल्ली के स्टेशनों पर ‘फाइंड योर ट्रेन कियोस्क’ लगाए गए हैं। इससे हर तरह की ट्रेनों से संबंधित जानकारी मिल रही है। इस तरह के दो कियोस्क रेलवे ने तैयार कर लिया है। जल्द ही दोनों कियोस्क का उद्घाटन किया जाएगा। दिल्ली रेल मंडल ने इसके अलावा पार्सल के लिए भी एक ऐप तैयार किया है। इस ऐप से आप अपने सामान की लगातार मॉनिटरिंग कर सकते हैं। दिल्ली रेल मंडल प्रबंधक अरुण अरोड़ा ने बताया कि पार्सल का ऐप तैयार कर लिया गया है और ट्रेन से जुड़ी जानकारी वाला ऐप दो से तीन महीने में तैयार कर लिया जाएगा।
अरोड़ा ने इस बात की भी जानकारी दी कि अगले तीन महीने में दिल्ली के स्टेशनों पर ऐप आधारित टैक्सी कैब भी मिलेगी। इसके लिए जल्द टेंडर की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके साथ रेलवे कर्मचारियों के लिए भी ऐप विकसित कर लिया गया है। इससे रेलवे कर्मचारियों को रेल क्लर्क व अधिकारियों के पास पहुंचकर जानकारी लेने की आवश्यकता नहीं होगी।
हरियाणा में एलिवेटेड रेल ट्रैक बनेगा

रोहतक बाईपास रेल लाइन को बेहतर रूप दिया जा रहा है। हरियाणा सरकार से बातचीत कर रेलवे रोहतक-मेहम-भांसी के रास्ते रेल लाइन एलिवेटेड बनाएगा। एलिवेटेड रेल लाइन जून 2019 तक तैयार होने का अनुमान है।
अरोड़ा ने बताया कि रोहतक और गुरुग्राम रेलवे स्टेशन को भी पीपीपी आधार पर विकसित किया जाएगा। इसके लिए ब्लू प्रिंट तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया गाजियाबाद रेलवे स्टेशन को ऐतिहासिक छवि वाले स्टेशन के रूप में चित्रित किया जा रहा है। प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 की यादों से जुड़ी पेंटिंग पूरे स्टेशन पर की जा रही है।
ऑटोमेटिक ट्रेन वाशिंग मशीन लगेगी
दिल्ली के निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर जल्द ही ऑटोमेटिक ट्रेन वाशिंग मशीन लगाई जाएगी। यह मशीन प्रतिदिन 14 ट्रेनों की सफाई करेगी। इसका फायदा यह होगा कि ट्रेन न केवल अंदर से बल्कि बाहर से भी चमाचम दिखेगी। इसके साथ ही रेलवे रिंग रेल को एक बार फिर से जीवन देने की कवायद में जुटा है। राइट्स ने इसके लिए एक सर्वे रिपोर्ट तैयार की है जिसे रेलवे बोर्ड में भेजा गया है।