Alibaba ग्रुप के भारतीय दफ्तरों में लग रहे ताले, केवल यूसी ब्राउजर के थे 13 करोड़ यूजर्स

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29 जून को भारत सरकार ने 59 चाइनीज एप्स पर प्रतिबंध लगा दिया। सरकार ने जिन चाइनीज एप्स पर प्रतिबंध लगाया है उनमें बाइटडांस का टिकटॉक, हेल्लो और अलीबाबा ग्रुप के यूसी ब्राउजर जैसे एप्स शामिल हैं। सरकार के इस फैसले के बाद टिकटॉक ने कहा था कि वह सरकार के फैसले को अदालत में चुनौती नहीं देगी, हालांकि कंपनी ने भारत में मौजूद अपने दफ्तर को बंद करने के बारे में कोई जानकारी नहीं दी।
वहीं अब खबर है कि अलीबाबा ग्रुप के सभी सेवाएं भारत में बंद हो रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक अलीबाबा ने मुंबई और ग्रुरुग्राम स्थित यूसी ब्राउजर के दफ्तर को बंद करने का फैसला लिया है। कंपनी ने अपने कर्मचारियों को इस संबंध में सूचना दे दी है। बता दें कि यूसी ब्राउजर के ग्रुरुग्राम दफ्तर में 100 से अधिक कर्मचारी काम कर रहे थे, वहीं मुंबई दफ्तर भी में कई लोग काम कर रहे थे।
कंपनी के इस फैसले से लोगों के सामने अब नौकरी का संकट पैदा हो गया है। भारत में यूसी ब्राउजर के बंद होने के पीछे सरकार के प्रतिबंध के बाद बिजनेस में हो रहा नुकसान है। आइए जानते हैं भारत में अलीबाबा की कौन-कौन सी सेवाएं चलती थीं।
अगर कोई अलीबाबा को भारत में जानता है तो उसका सबसे बड़ा कारण यूसी ब्राउजर ही है। यूसी ब्राउजर भारत में काफी लोकप्रिय था। यूसी ब्राउजर पर पहले ही कई बार प्रतिबंध लग चुका है। यूसी ब्राउजर को भारत में 13 करोड़ से अधिक लोग इस्तेमाल करते थे। यूसी ब्राउजर भारतीय स्मार्टफोन और 3जी फीचर फोन यूजर्स का एक प्रमुख ब्राउजर था। यूसी ब्राउजर में अमेजन, फ्लिपकार्ट जैसी तमाम ई-कॉमर्स साइट का इंटीग्रेशन था जिसका फायदा यह था कि यूजर्स को ब्राउजर में भी एप का इंटरफेस मिलता था।
यूसी ब्राउजर की लोकप्रियता का सबसे बड़ा कारण मल्टी यूजेज और वीपीएन का सपोर्ट है। जो वेबसाइट किसी अन्य ब्राउजर में ओपन नहीं होती थी, उसे इस ब्राउजर में एक्सेस किया जा सकता था। इसके अलावा यूसी ब्राउजर का एक बड़ा फायदा यह था कि यदि आप कोई ऑडियो या वीडियो फाइल डाउनलोड कर रहे हैं तो आप थोड़ा सा भी डाउनलोड करके उसे यूज कर सकते थे और बाद में वहीं से पूरा डाउनलोड करने की सुविधा मिलती थी, जबकि किसी अन्य ब्राउजर में ऐसा नहीं है।
यूसी न्यूज
यूसी न्यूज भारत का सबसे बड़ा न्यूज एग्रिगेटर प्लेटफॉर्म था। इसकी लोकप्रियता का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि इसके यूजर्स की संख्या गूगल न्यूज से अधिक थी। एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में यूसी न्यूज के यूजर्स की संख्या 10 करोड़ से अधिक थी। भारत के लगभग सभी मीडिया हाउस, न्यूज वेबसाइट, हेल्थ वेबसाइट, इंटरटेनमेंट वेबसाइट, क्रिकेट साइट आदि की यूसी न्यूज के साथ साझेदारी थी। न्यूज के बदले यूसी न्यूज पब्लिकेशन को पैसे देता था। पहले यूसी न्यूज यूसी ब्राउजर में ही था, बाद में यूसी न्यूज के नाम से अलग से एक एप लॉन्च किया गया। इसके बाद मोटी सैलरी पर कई बड़े पत्रकारों को यूसी न्यूज ने नौकरी दी। यूसी न्यूज में भी 500 से अधिक लोग काम कर रहे थे।
वीमैट (Vmate)
वीमैट, टिकटॉक जैसा ही एक शॉर्ट वीडियो एप था जिसका मालिकाना हक अलीबाबा ग्रुप के पास था। इस एप के भारत में पांच करोड़ से अधिक यूजर्स थे जिनके फॉलोअर्स लाखों में थे। वीमैट के जरिए यूजर्स किसी अन्य प्लेटफॉर्म के वीडियो भी डाउनलोड करते थे। इसमें भी टिकटॉक जैसा शॉर्ट वीडियो बनाने के लिए फीचर्स दिए गए थे। वीमैट पर ग्रामीण यूजर्स की संख्या अधिक थी। इसमें काम कर रहे कर्मचारियों की सटीक संख्या की जानकारी तो नहीं है लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक इसमें 100 से अधिक लोग काम कर रहे थे।
इन तीन प्लेटफॉर्म के अलावा भारत में अलीबाबा की वेबसाइट भी चल रही थी। इसके अलावा अलीएक्सप्रेस भी भारत में अपनी सेवा दे रहा था। क्लबफैक्ट्री ने अपने वेंडर को प्रोडक्ट लिस्टिंग के लिए मना कर दिया है। क्लबफैक्ट्री में कई डिलीवरी मैन भी काम कर रहे थे जिनकी नौकरी पर अब संकट आ गया है।