एजीआर पर Airtel ने उठाई बराबरी की मांग: वोडाफोन-आइडिया जैसी राहत चाहती है कंपनी, दूरसंचार विभाग से की अपील
Airtel AGR Relief:
वोडाफोन-आइडिया को मिली बड़ी राहत के बाद अब भारती एयरटेल ने भी सरकार का दरवाजा खटखटाया है। कंपनी ने एजीआर (AGR) बकाया चुकाने के लिए वैसी ही समानता और छूट की मांग की है जैसी उसके प्रतिद्वंदी को मिली है, ताकि बाजार में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा बनी रहे।

विस्तार
देश की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल (Bharti Airtel) ने दूरसंचार विभाग (DoT) से एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (एजीआर) बकाया पर समान व्यवहार की मांग की है। कंपनी चाहती है कि उसे भी वही राहत मिले जो हाल ही में उसकी प्रतिद्वंदी कंपनी वोडाफोन-आइडिया को दी गई है। इस मामले पर भारती एयरटेल ने दूरसंचार विभाग (DoT) को कई पत्र लिखकर 'समान व्यवहार' की मांग की है।
दरअसल, एयरटेल का यह कदम उस समय आया है जब कंपनी की एजीआर देनदारियां चुकाने की समयसीमा मार्च 2026 में शुरू होने वाली है। कंपनी चाहती है कि उसे भी भुगतान में वैसी ही मोहलत मिले, जैसी वोडाफोन आइडिया (Vi) को दी गई है।
Airtel पर कितना है बकाया?
सरकार ने आर्थिक दबाव झेल रही वोडाफोन-आइडिया के करीब 87,695 करोड़ रुपये के एजीआर बकाये पर 10 साल की भुगतान स्थगन (मोरेटोरियम) सुविधा दी है। इससे कंपनी को लंबी अवधि में भुगतान करने का मौका मिला है।
एयरटेल पर वित्त वर्ष 2024-25 तक लगभग 51,091 करोड़ रुपये का एजीआर बकाया है। कंपनी का कहना है कि अगर एक ऑपरेटर को राहत मिलती है और दूसरे को नहीं, तो बाजार में संतुलन बिगड़ सकता है।
सरकार को हिस्सेदारी देने का ऑफर
एयरटेल ने एक बड़ा दांव खेलते हुए यह भी कहा है कि वह अपने लगभग 40,000 करोड़ रुपये के एजीआर बकाया को सरकारी इक्विटी में बदलने के लिए तैयार है। हालांकि, शर्त यह है कि यह ऑफर बिना किसी भेदभाव के सभी ऑपरेटर्स के लिए समान रूप से उपलब्ध होना चाहिए।
कंपनी के मैनेजमेंट ने साफ किया है कि यह मांग उनकी वित्तीय कमजोरी की वजह से नहीं है। एयरटेल की बैलेंस शीट काफी मजबूत है और वह अपना कर्ज चुकाने में सक्षम है। लेकिन, वे चाहते हैं कि जो पैसा कर्ज चुकाने में जाएगा, उसका इस्तेमाल 5G नेटवर्क के विस्तार और फाइबर ऑप्टिक्स बिछाने में किया जाए। यह एक रणनीतिक कदम है ताकि कंपनी भविष्य की तकनीक में पीछे न रह जाए।
कंपनी का प्रदर्शन
भारती एयरटेल का मार्केट कैप 11 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में कंपनी ने 53,982 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया, जो सालाना आधार पर लगभग 19.6% अधिक है। हालांकि, मुनाफा 47% घटकर 8,503 करोड़ रुपये रह गया।