खतरे की घंटी: क्या 4 साल बाद मशीनों के गुलाम हो जाएंगे इंसान? Google DeepMind के CEO की बड़ी चेतावनी!

Suyash Pandey
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीSuyash Pandey
Tue, 09 Jun 2026 12:21 PM IST
सार

Google DeepMind CEO Demis Hassabis AI Warning:

गूगल डीपमाइंड के सीईओ डेमिस हसबिस ने AI के भविष्य को लेकर बड़ी चेतावनी जारी किया है। उनके मुताबिक, एआई इंसानों से ज्यादा समझदार हो जाएगा और इसमें सिर्फ 4 लगेंगे। उन्होंने सरकारों से AI सुरक्षा पर तुरंत कदम उठाने की अपील की है। साथ ही, एआई का बहाना देकर कर्मचारियों की छंटनी करने वाली टेक कंपनियों को भी कड़ी फटकार लगाई है।

विज्ञापन
AI Could Reach Human-Level Intelligence Within Four Years, Warns DeepMind CEO
सिर्फ 4 साल में इंसानों से ज्यादा समझदार हो जाएगा AI - फोटो : अमर उजाला

    विस्तार

    वो दिन दूर नहीं जब AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) इंसानों की समझदारी से आगे निकल जाएगा। ऐसा कह रहे हैं गूगल डीपमाइंड के सीईओ डेमिस हसबिस। गूगल डीपमाइंड मूल कंपनी अल्फाबेट के अंतर्गत काम करने वाली एक प्रमुख अनुसंधान प्रयोगशाला है। डेमिस ने ये बयान हाल ही में कंपनी के एक इवेंट में बोलते हुए दिया। उन्होंने कहा कि इंसानियत 'सिंगुलैरिटी' के बिल्कुल मुहाने पर खड़ी है। सिंगुलैरिटी एक ऐसी स्थिति होती है जहां मशीनें इंसानों से ज्यादा समझदार हो जाती हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि दुनिया के पास आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस (AGI) से तैयार होने के लिए अब मुश्किल से कुछ ही साल बचे हैं।

    आने वाला साल सिर्फ एक 'ट्रेलर' है

    हसबिस का मानना है कि बहुत जल्द एआई एजेंट्स का एक नया दौर शुरू होने वाला है। उन्होंने कहा कि अगले एक साल में जो एआई एजेंट्स आएंगे, उन्हें भविष्य के महा-शक्तिशाली एआई सिस्टम का एक ट्रेलर या प्रैक्टिस रन समझना चाहिए।

    विज्ञापन

    सरकारों और अर्थशास्त्रियों के लिए कड़ा संदेश

    हसबिस ने माना कि उन्होंने जानबूझकर कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया है, ताकि नीति निर्माता, अर्थशास्त्री और आम जनता जागें और इस मुद्दे को गंभीरता से लें। उनका कहना है कि नए एआई मॉडल्स को बाजार में उतारने से पहले उनकी कड़ी सुरक्षा जांच होना अनिवार्य होना चाहिए। सुरक्षा के मानकों को तय करने के लिए वह दुनिया की अन्य शीर्ष एआई कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ भी बातचीत कर रहे हैं।

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    क्या एआई खुद को और स्मार्ट बना रहा है?

    एक बड़ा सवाल यह है कि क्या एआई सिस्टम खुद अपने आप को बेहतर बना सकते हैं? इस पर हसबिस ने समझाया कि अभी हम पूरी तरह से उस स्टेज पर नहीं पहुंचे हैं, लेकिन सॉफ्ट सेल्फ-इम्प्रूवमेंट यानी थोड़े बहुत सुधार लाने एआई ने खुद से शुरू कर दिए हैं। इसका मतलब है कि एआई की मदद से कोडिंग करने वाले इंजीनियर अब बहुत कम समय में ज्यादा और बेहतर कोड लिख पा रहे हैं। इससे एआई के विकास की रफ्तार और तेज हो रही है।

    AI के नाम पर छंटनी करने वाली कंपनियों को लताड़

    टेक इंडस्ट्री में इन दिनों चल रही छंटनी पर भी हसबिस ने बेबाक राय रखी। 2026 में अब तक 1,42,000 से ज्यादा टेक कर्मचारियों की छंटनी हो चुकी है। हसबिस ने कहा कि जो कंपनियां एआई का बहाना देकर अपने इंजीनियरों को नौकरी से निकाल रही हैं, उनकी रणनीति बिल्कुल गलत है।

    • हसबिस का तर्क:अगर एआई की मदद से डेवलपर 3 से 4 गुना ज्यादा काम कर सकते हैं, तो समझदारी इसी में है कि कंपनी अपना काम 3 से 4 गुना बढ़ाए, ना कि कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाए।
    • नौकरी का खुला ऑफर:उन्होंने कहा कि जो कंपनियां टैलेंटेड इंजीनियरों को निकाल रही हैं, वो उन्हें खुशी-खुशी काम पर रख लेंगे। हसबिस के मुताबिक, "मेरे पास दवाइयों की खोज से लेकर गेम डिजाइन तक लाखों आइडिया हैं और मैं चाहूंगा कि ऐसे फ्री हो चुके इंजीनियर आकर उन पर काम करें।"
    Login or Signup
    अपना शहर चुनें