सर्वे: देश में 2025 तक 90 करोड़ होंगे सक्रिय इंटरनेट उपभोक्ता, गांव रहेंगे आगे
रिपोर्ट के अनुसार, 2025 तक देश में शहरों की तुलना में गांवों में सक्रिय इंटरनेट उपभोक्ताओं की संख्या अधिक होगी। यह देश में डिजिटल इकोसिस्टम को मजबूत करने की जरूरत का संकेत देता है।

विस्तार
देश में 2025 तक सक्रिय इंटरनेट उपभोक्ताओं की संख्या 45 फीसदी बढ़कर 90 करोड़ हो जाएगी। आईएएमएआई-कंटर क्यूब की बृहस्पतिवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल देश में यह आंकड़ा 62.2 करोड़ था।
इनसाइट्स डिवीजन, कंटर की एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसीडेंट विश्वप्रिया भट्टाचार्जी के अनुसार, आगामी सालों में डिजिटल इकोसिस्टम के लिए वॉइस और वीडियो गेमचेंजर बनकर उभरेंगे।
रिपोर्ट के अनुसार, भले ही शहरी भारत में इंटरनेट की पहुंच ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में दो गुनी है लेकिन लेकिन ग्रामीण इलाकों में साल दर साल के हिसाब से बढ़ने वाले इंटरनेट उपभोक्ताओं की संख्या शहरी इलाकों से ज्यादा है।
2020 में शहरों में इंटरनेट उपभोक्ताओं की संख्या 4 फीसदी के हिसाब से बढ़कर 32.3 करोड़ हो गई है, जोकि शहरी जनसंख्या का 67 फीसदी है जबकि गांवों में इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों संख्या 13 फीसदी बढ़कर 29.9 करोड़ हो गई है। यह ग्रामीण जनसंख्या का 31 प्रतिशत है।
आईएएमएआई ने कंसल्टिंग कंपनी कंटर के साथ किए सर्वे में पाया है कि छोटे कस्बों 5 में से 2 सक्रिय उपभोक्ता हैं, वहीं शीर्ष-9 मेट्रो में सक्रिय उपभोक्ता 33 फीसदी है। रिपोर्ट के मुताबिक 143.3 करोड़ जनसंख्या में से 62.2 करोड़ सक्रिय उपभोक्ता हैं जो कि कुल जनसंख्या का 43 फीसदी हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, 10 में से 9 सक्रिय उपभोक्ता रोजाना इंटरनेट एक्सेस करते हैं। वहीं सक्रिय उपभोक्ता औसतन रोजाना बेसिस पर 1.8 घंटे इंटरनेट पर बिताते हैं। शहरी उपभोक्ता ग्रामीण उपभोक्ता के मुकाबले इंटरनेट पर 17 फीसदी ज्यादा समय व्यतीत करते हैं।