एक्सेंचर का नया फरमान: AI नहीं चलाया तो भूल जाइए प्रमोशन, नौकरी पर भी मंडराया संकट
Accenture AI Promotion Policy:
ग्लोबल कंसल्टिंग कंपनी एक्सेंचर ने प्रमोशन को AI टूल्स के इस्तेमाल से जोड़ दिया है। अब लीडरशिप रोल पाने के लिए कर्मचारियों को नियमित रूप से कंपनी के एआई प्लेटफॉर्म अपनाने होंगे। सीईओ जूली स्वीट पहले ही साफ कर चुकी हैं एआई के साथ नहीं चल पाए तो बाहर का रास्ता।

विस्तार
एक्सेंचर ने अपने सीनियर मैनेजर और एसोसिएट डायरेक्टर स्तर के कर्मचारियों के लिए नई शर्तें तय की हैं। अब नेतृत्व पदों पर आगे बढ़ने के लिए उन्हें यह दिखाना होगा कि वे कंपनी के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स का नियमित उपयोग कर रहे हैं। इसका खुलासा कर्मचारियों को भेजे गए एक इंटरनल ईमेल से हुआ है। कंपनी ने साफ कर दिया है कि लीडरशिप रोल के लिए अब वही लोग चुने जाएंगे जो कंपनी के एआई प्लेटफॉर्म्स का नियमित इस्तेमाल करेंगे।
साप्ताहिक लॉगिन भी होगा ट्रैक
इतना ही नहीं, एचआर (HR) अब सीनियर स्टाफ के साप्ताहिक लॉग-इन को भी ट्रैक कर रहा है। यानी अब केवल फाइलों पर काम करना काफी नहीं होगा, आपको कंपनी के 'एआई रिफाइनरी' जैसे टूल्स पर अपनी मौजूदगी दर्ज करानी होगी। प्रोफेशनल सर्विस सेक्टर की बड़ी कंपनियों में यह अब तक के सबसे सख्त आंतरिक AI अनिवार्यताओं में से एक माना जा रहा है।
सीईओ ने कर्मचारियों को दिया अल्टीमेटम
एक्सेंचर की सीईओ जूली स्वीट का रुख इस मामले में बेहद सख्त है। उन्होंने पहले ही निवेशकों को संकेत दे दिया था कि जिन कर्मचारियों के लिए एआई सीखना मुमकिन नहीं होगा, उन्हें कंपनी से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। अब प्रमोशन की नई शर्तों के जरिए कंपनी ने इसी चेतावनी को आधिकारिक रूप दे दिया है।
नए आदेश से कर्मचारियों में नाराजगी
कंपनी के इस फैसले से अंदरूनी तौर पर काफी हड़कंप मचा है। कुछ कर्मचारियों ने तो गुस्से में इन एआई टूल्स को "ब्रोकन स्लॉप जेनरेटर्स" यानी कबाड़ पैदा करने वाली मशीनें तक कह डाला है। कई सीनियर कर्मचारियों का मानना है कि ये टूल्स काम आसान करने के बजाय मुश्किलें बढ़ा रहे हैं। वहीं, कुछ ने तो यहां तक कह दिया कि अगर उन पर यह नियम थोपा गया, तो वे तुरंत इस्तीफा दे देंगे।
कंपनी की मजबूरी या विजन?
एक्सेंचर एआई पर सालाना करीब 1 अरब डॉलर खर्च कर रही है। अब तक अपने 7.8 लाख कर्मचारियों में से करीब 5.5 लाख को एआई की ट्रेनिंग दे चुकी है। कंपनी ने हाल ही में OpenAI और Anthropic जैसी दिग्गज कंपनियों से हाथ भी मिलाया है।
असल में, पिछले एक साल में एक्सेंचर के शेयरों में करीब 42% की गिरावट आई है। कंपनी को उम्मीद है कि खुद को "एआई-फर्स्ट" कंपनी के रूप में रीब्रांड करने से उसकी किस्मत बदलेगी। इसीलिए, उसने अपने वर्कफोर्स का नाम बदलकर "रीनवेंटर्स" (नया आविष्कार करने वाले) रख दिया है।