AI startups: एक्सेल और गूगल की नई पहल, भारत के एआई स्टार्टअप्स से बने प्रोडक्ट दुनियाभर में होंगे इस्तेमाल
भारत में एआई स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए एक्सेल और गूगल के एआई फ्यूचर फंड ने मिलकर एटम्स एआई कोहोर्ट 2026 नाम का कार्यक्रम शुरू किया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य भारत के नए एआई फाउंडर्स को शुरुआत में ही टेक सपोर्ट, फंडिंग और मार्गदर्शन देना है।

विस्तार
भारत में एआई स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए एक्सेल और गूगल के एआई फ्यूचर फंड ने मिलकर एटम्स एआई कोहोर्ट 2026 नाम का कार्यक्रम शुरू किया है। इसका फायदा खास तौर पर उन स्टार्टअप्स को मिलेगा जो अभी शुरुआत के चरण में हैं।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य
इस पहल का मुख्य उद्देश्य भारत के नए एआई फाउंडर्स को शुरुआत में ही टेक सपोर्ट, फंडिंग और मार्गदर्शन देना है। इसके जरिए ऐसे प्रोडक्ट बनाने में मदद होगी जो दुनियाभर में इस्तेमाल हो सकें।
स्टार्टअप्स को क्या-क्या मिलेगा?
स्टार्टअप्स में चुने गए फाउंडर्स को गूगल के जेमिनी और डीपमाइंड एआई मॉडल्स का शुरुआती एक्सेस, 20 लाख डॉलर तक की फंडिंग, 3.5 लाख डॉलर तक की गूगल क्लाउड और एआई टूल्स के क्रेडिट, गूगल और एक्सेल के विशेषज्ञों से वन-ऑन-वन मेंटरशिप, गूगल लैब्स और डीपमाइंड टीमों के साथ काम करने के मौके और वैश्विक कम्युनिटी और नेटवर्क से जुड़ने का मौका मिलेगा।
किस तरह के आइडियाज को मिलेगा फोकस?
ऐसे स्टार्टअप्स जो एआई का इस्तेमाल करके कोडिंग का भविष्य बदलें, काम को और आसान व तेज बनाएं और क्रिएटिविटी और एंटरटेनमेंट में नए समाधान लाएं। यानी ऐसी टेक्नोलॉजी जो लोगों के काम करने, सीखने और बनाने के तरीके को बदल सके।
कौन आवेदन कर सकता है?
इसमें भारत के फाउंडर्स, भारतीय मूल के फाउंडर्स और ऐसे स्टार्टअप्स जो शुरुआत से एआई-फर्स्ट प्रोडक्ट्स बना रहे हों जो भारत और दुनिया दोनों को टारगेट कर रहे हों।
आवेदन कब और कैसे?
आवेदन एक्सेल की वेबसाइट पर खुले हैं जिसकी अंतिम तिथि 26 जनवरी 2026 है और कोहोर्ट फरवरी 2026 से शुरू हो रहे हैं। सितंबर-नवंबर 2025 के बीच किए गए आवेदन भी मान्य हैं। खास बात यह है कि पूरी प्रक्रिया गूगल जेमिनी 2.5 प्रो से चलेगी, जिससे फॉर्म भरना आसान होगा।
कुल मिलाकर यह पहल भारतीय एआई स्टार्टअप्स को पैसा, तकनीक और भरोसा तीनों एक साथ देकर उन्हें ऐसा एआई प्रोडक्ट बनाने में मदद करेगी, जो देश और दुनिया में इस्तेमाल हो सके।