Aarogya Setu एप को एमआईटी की रेटिंग में मिले सिर्फ दो अंक, सुरक्षा मापदंडों पर रहा नाकाम

भारत सरकार ने कोरोना संक्रमण को ट्रैक करने के लिए पिछले महीने आरोग्य सेतु मोबाइल एप को लॉन्च किया था। इस एप ने लोगों को वायरस के प्रति जागरूक करने में काफी मदद की है। हालांकि, यह एप प्राइवेसी और पारदर्शिता को लेकर तय किए गए पांच इंडीकेटर्स में से तीन पर नाकाम रहा है। वहीं, अमेरिका स्थित मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) की तरफ से यह जानकारी मिली है।
एमआईटी ने कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग एप्स की रेटिंग जारी की है। इसमें एप्स के काम करने के तरीके, डाटा की हैंडलिंग, निजता और पारदर्शिता से जुड़ी बातों पर गौर किया गया है।
कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग एप्स की रेटिंग में भारत को पांच में से सिर्फ दो अंक मिले हैं। एमआईटी के विशेषज्ञों का कहना हैं कि आरोग्य सेतु मोबाइल एप केवल दो इंडिकेटर्स पर खरा साबित हुआ है, जिनमें समय से यूजर्स का डाटा डिलीट करना और काम आने वाले मानदंडों को इकट्ठा करना शामिल हैं। वहीं, दूसरी तरफ आरोग्य सेतु स्वैच्छिक उपयोग, डाटा उपयोग की सीमाएं और पारदर्शी मनकों पर नाकाम रहा है।
एमआईटी की रिपोर्ट में पांच में से पांच अंक प्राप्त करने वाले देशों में सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, नॉर्वे, इजराइल, चेक गणराज्य, आइसलैंड और ऑस्ट्रिया शामिल हैं। जबकि फ्रांस, आयरलैंड और ईरान को सिर्फ एक अंक मिला है। वहीं, चीन का एप पांचों मापदंडों पर पूरी तरह से नाकाम रहा है।