TRAI: भारत में 70-80% मोबाइल डेटा की खपत घरों के अंदर, ट्राई चेयरपर्सन ने जताई चिंता
भारत में 70-80% मोबाइल डेटा का इस्तेमाल घरों के अंदर होता है, लेकिन कई बिल्डिंग्स और परिसरों में नेटवर्क कवरेज की कमी अब भी बड़ी चुनौती है। TRAI ने डिजिटल कनेक्टिविटी को इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग का अहम हिस्सा बनाने पर जोर दिया है।

विस्तार
भारत में मोबाइल डेटा का बड़ा हिस्सा घरों और इमारतों के अंदर इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन यहां नेटवर्क कवरेज की समस्या अब भी बनी हुई है। सोमवार को आयोजित एक ऑनलाइन सेशन में दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) के चेयरपर्सन अनिल कुमार लाहोटी ने कहा कि देश में 70 से 80 फीसदी मोबाइल डेटा की खपत इनडोर होती है, लेकिन कई परिसरों में अब भी पर्याप्त कवरेज उपलब्ध नहीं है।
आउटडोर कनेक्टिविटी सुधारने पर जोर
उन्होंने कहा कि 5G जैसी एडवांस्ड टेक्नोलॉजी के दौर में डिजिटल कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर (DCI) की बेहतर प्लानिंग बेहद जरूरी है। इसमें फाइबर एंट्री, डक्टिंग, केबल ट्रे, रूफटॉप एक्सेस, वाई-फाई रेडीनेस और नेटवर्क की मजबूती जैसे पहलुओं को उसी तरह शामिल करना होगा, जैसे बिजली और पानी की सप्लाई को किया जाता है।
प्रॉपर्टी को कनेक्टिविटी के अनुसार मिलेगी स्टार रेटिंग
लाहोटी ने जानकारी दी कि TRAI ने इस साल डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग रेगुलेशन 2024 को अधिसूचित किया है। इसके तहत प्रॉपर्टीज को उनकी डिजिटल कनेक्टिविटी के आधार पर स्टार रेटिंग सिस्टम दिया जाएगा। इस दिशा में 13 अगस्त 2025 को "डिजिटल कनेक्टिविटी असेसमेंट मैनुअल" भी जारी किया गया है। अभी तक 8 डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग एजेंसियों (DCRAs) को रजिस्टर किया जा चुका है, जबकि अन्य आवेदन समीक्षा में हैं।
इस इंटरएक्टिव सेशन का आयोजन TRAI और फॉरम ऑफ इंडियन रेगुलेटर्स (FoIR) ने मिलकर किया। इसमें FoIR के सदस्य, IBBI, CERC, PNGRB, CCI, SERCs और AERA जैसी संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। कुल मिलाकर 80 से अधिक अधिकारियों ने इसमें भाग लिया।
इस मौके पर FoIR के मानद चेयरपर्सन और IBBI के चेयरमैन रवि मित्तल ने कहा कि आज डिजिटल कनेक्टिविटी वित्त, शिक्षा, परिवहन, आवास और स्वास्थ्य जैसे सभी क्षेत्रों की बुनियादी जरूरत बन चुकी है। उन्होंने TRAI की रेटिंग सिस्टम पहल की सराहना की और विभिन्न क्षेत्रों के रेगुलेटर्स के बीच सहयोग की जरूरत पर जोर दिया। TRAI का यह कदम डिजिटल इंडिया और स्मार्ट सिटीज मिशन जैसे राष्ट्रीय अभियानों को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।