Cyber Attacks: 73 फीसदी संगठन हो रहे साइबर हमलों के शिकार, फिरौती चुकाकर पा रहे डाटा वापस
Cyber Attacks: रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जब कंपनियों ने फिरौती का भुगतान करके अपना डाटा वापस पाने की कोशिश की, तो साइबर हमलावरों ने अपनी रकम को दोगुना कर दिया। हालांकि, अलग-अलग संगठनों ने एक सप्ताह से एक महीने के अंदर अपना डाटा रिकवर कर लिया...

विस्तार
साइबर सुरक्षा के लिए काम कर रहे संगठन सोफोस की ताजा रिपोर्ट में दावा किया गया है कि देश के लगभग 73 फीसदी संगठन साइबर हमलों के शिकार हैं। गत वर्ष यह संख्या केवल 57 फीसदी थी, यानी इस एक साल में साइबर हमलों में तेज वृद्धि हुई है। रिपोर्ट का दावा है कि इनमें से 44 फीसदी के करीब संगठनों ने अपना डाटा वापस पाने के लिए फिरौती का भुगतान किया है। जनवरी से मार्च 2023 के बीच हुए इस सर्वे में दावा किया गया है कि सबसे ज्यादा उच्च शिक्षण संस्थान साइबर अपराधियों के निशाने पर थे। हालांकि, आशंका है कि वित्तीय या बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ी संस्थाओं ने अपनी गोपनीय जानकारी देने से बचने का रास्ता अपनाया हो सकता है।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जब कंपनियों ने फिरौती का भुगतान करके अपना डाटा वापस पाने की कोशिश की, तो साइबर हमलावरों ने अपनी रकम को दोगुना कर दिया। हालांकि, अलग-अलग संगठनों ने एक सप्ताह से एक महीने के अंदर अपना डाटा रिकवर कर लिया। आश्चर्यजनक रूप से उच्च शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी 79 फीसदी संस्थाओं ने अपने बौद्धिक संपदा को साइबर हमलों के द्वारा चुराए जाने की शिकायत दी है। जबकि दूसरे क्षेत्र के संगठनों ने साइबर हमलों की कम जानकारी दी। माना जा रहा है कि सामने न आने की सोच के कारण वित्तीय क्षेत्र के संगठनों ने इसकी पर्याप्त सूचना साझा नहीं किया।
कैसे करें सुरक्षा
सोफोस से जुड़े साइबर हमलों के विशेषज्ञ विस्निवस्की ने कहा कि लगभग तीन चौथाई भारतीय संगठनों ने बताया कि अनुभवी साइबर एक्सपर्ट मिनटों में एक सक्रिय घुसपैठ के पैटर्न को पहचान सकते हैं और कार्रवाई कर संस्था को बचाने की पहल कर सकते हैं। यह संभावित रूप से उन तिमाही के बीच का अंतर है, जो सुरक्षित रहते हैं और तीन तिमाहियां जो नहीं करते हैं। इन दिनों एक प्रभावी सुरक्षा करने के लिए संगठनों को चौबीसों घंटे सतर्क रहना चाहिए।