Twitter पर भारतीय भाषाओं में हिंदी बनी नंबर वन, नॉन-इंग्लिश ट्वीट्स की संख्या 40 फीसदी के पार

आज के समय में आम लोगों से लेकर नेता और अभिनेता तक माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर का इस्तेमाल करते हैं। लोगों को इस प्लेटफॉर्म से अपनी बात रखने की सुविधा मिलती हैं। वहीं, बीते पांच वर्षों से ट्विटर का रेवेन्यू तेजी से बढ़ा है। वृद्धि की वजह को लोकलाइज और स्थानिय भाषाओं को जोड़ना बताया गया है। दूसरी तरफ कंपनी ने प्रीमियम ऐडवर्टाइजिंग को भी अपने नियंत्रण में रखा है। इतना ही नहीं इस प्लेटफॉर्म पर हिंदी भाषा के ट्वीट्स की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई हैं।
माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर इंडिया के मुख्य अधिकारी मनीश महेश्वरी ने कहा है कि भारत में ट्विटर यूजर्स की संख्या तेजी से बढ़ रही हैं। कंपनी ने माना है कि भारत की वजह से ट्विटर की ग्रोथ हुई है। उन्होंने आगे कहा है कि हमारी कीमत प्रीमियम है, जिससे हमने कई दिग्गज ब्रांड्स के साथ काम किया हैं।
आपको बता दें कि मनीश महेश्वरी इस वर्ष ही ट्विटर के साथ जुड़े थे। उन्होंने कहा है कि बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच हमने अपनी कीमतों को पूरी तरह से बरकरार रखा है। ट्विटर ने रेवेन्यू बढ़ाने के लिए फेसबुक, यूट्यूब, टिकटॉक और शेयरचैट जैसे प्लेटफॉर्म का भी इस्तेमाल किया है।
भारत के अधिकतर लोग ट्विटर का इस्तेमाल करते हैं। इस वजह से माइक्रो ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म का तेजी विकास हुआ है। वहीं, मनीश महेश्वरी ने कहा है कि भारतीय यूजर्स को वीडियोज देखना बहुत पसंद हैं। यही वजह है कि हमारा रेवेन्यू बढ़ा है।
मनीश महेश्वरी ने बताया है कि हमने अपने यूजर्स के लिए खास फीचर जारी किया है, जिससे वह अपनी भाषा में कंटेंट देख सकेंगे। उन्होंने आगे कहा है कि इस समय हमारे प्लेटफॉर्म पर 50 फीसदी भारतीय भाषाओं के ट्वीट्स मौजूद हैं।
ट्विटर पर इस समय आधी अंग्रजी और बाकि नॉन-इंग्लिश भाषाओं में ट्वीट मौजूद हैं। बता दें कि इसमें हिंदी भाषा को पहला स्थान और तमिल को दूसरा स्थान मिला है। वहीं, ट्विटर 70 मीडिया प्लेटफॉर्म के साथ मिलकर काम कर रहा है, जिससे इसको लोकलाइज और रीजनल बनाया जा सकें।