Browser Extension: ब्राउजर एक्सटेंशन कितने सुरक्षित? 40 लाख यूजर्स मैलवेयर की चपेट में, ऐसे करें अपनी सुरक्षा

सुयश पांडेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीसुयश पांडेय
Thu, 04 Dec 2025 08:20 PM IST
सार

गूगल क्रोम और माइक्रोसॉफ्ट एज पर 40 लाख से ज्यादा यूजर्स ShadyPanda मैलवेयर अटैक का शिकार हुए हैं, जिसमें क्रोम और एज के भरोसेमंद एक्सटेंशन्स को स्पायवेयर में बदला गया। जानें कैसे हुआ अटैक और कैसे करें अपनी सुरक्षा।

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4 Million Users Hit by Browser Extension Malware: How ShadyPanda Turned Trusted Add-ons into Spyware
क्रोम और एज ब्राउजर के कई लोकप्रिय एक्सटेंशंस को ShadyPanda नाम के ऑपरेशन के तहत स्पाईवेयर में बदल दिया गया (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला

    विस्तार

    दुनियाभर में लाखों इंटरनेट यूजर्स एक बड़े साइबर अटैक का शिकार हुए हैं। Koi Security की एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि क्रोम और एज ब्राउजर के कई लोकप्रिय एक्सटेंशंस को ShadyPanda नाम के ऑपरेशन के तहत स्पाईवेयर में बदल दिया गया। इससे 4 मिलियन यानी 40 लाख से ज्यादा यूजर्स प्रभावित हुए हैं। माइक्रोसॉफ्ट ने बयान जारी कर कहा है कि उसने सभी संदिग्ध एक्सटेंशंस को एज एड-वन्स स्टोर से हटा दिया है। कंपनी के अनुसार "जो भी एक्सटेंशन हमारी नीतियों का उल्लंघन करता है, उसे तुरंत हटाया जाता है या उसका पब्लिशिंग एग्रीमेंट खत्म कर दिया जाता है"।

    ShadyPanda कैसे काम करता था?

    ShadyPanda ऑपरेशन के तहत क्रोम वेब स्टोर पर 20 और एज पर 125 एक्सटेंशन शामिल थे। इन्हें 2018 से अपलोड किया जा रहा था लेकिन 2023 से इनमें छुपा हुआ हानिकारक कोड एक्टिव हुआ। वॉलपेपर या प्रोडक्टिविटी टूल का रूप लेकर ये अपडेट्स में मालिशियस (हानिकारक) कोड डालते थे। ये अटैक फिशिंग या स्कैम लिंक से नहीं, बल्कि ऑटोमैटिक अपडेट सिस्टम के जरिए किया गया। यानी एक्सटेंशन अपने आप अपडेट होकर स्पाईवेयर में बदल गए।

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    क्या-क्या डाटा चोरी हुआ?

    कई एक्सटेंशन ब्राउजिंग हिस्ट्री और सर्च चुराते थे, लिंक में ट्रैकिंग कोड जोड़ते थे और कीस्ट्रोक्स (आप क्या टाइप कर रहे हैं) रिकॉर्ड करते थे। इसके अलावा कुकीज और लॉगिन सेशन हाईजैक करते थे। कुछ अपडेट्स के जरिए रिमोट कोड भी रन किया जा सकता था। गूगल ने इन एक्सटेंशंस को हटा दिया है, लेकिन एज पर कुछ अभी भी मौजूद होने की आशंका है। एक एक्सटेंशन के तो 30 लाख से ज्यादा इंस्टॉल दिखाए जा रहे हैं।

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    कैसे बचें ShadyPanda जैसे मैलवेयर से?

    1. तुरंत हटाएं संदिग्ध एक्सटेंशंस खासकर वॉलपेपर और प्रोडक्टिविटी कैटेगरी वाले। रिपोर्ट में इन मालिशियस (हानिकारक) एप्स का नाम शामिल है:

    • Clean Master
    • WeTab
    • Infinity V+

    2. सभी अकाउंट्स के पासवर्ड बदलें

    पासवर्ड मैनेजर का इस्तेमाल करें और अपने पुराने पासवर्ड को नए पासवर्ड से रिप्लेस करें।

    3. भरोसेमंद एंटीवायरस इंस्टॉल करें

    ऐसे एंटीवायरस इंस्टॉल करें जिसमें ब्राउजर प्रोटेक्शन फीचर हो। ताकि आपको थर्ड पार्टी ब्राउजर एक्सटेंशन इंस्टॉल करने की जरूरत न पड़े।

    4. एक्सटेंशन कम रखें

    सिर्फ वही एक्सटेंशन इंस्टॉल करें जिनकी जरूरत हो। इंस्टॉल करने से पहले रिव्यू और परमिशन की जांच जरूर करें।

    ShadyPanda केस यह साबित करता है कि भरोसेमंद दिखने वाले एक्सटेंशन भी समय के साथ खतरनाक बन सकते हैं। इसलिए एक्सटेंशन मैनेजमेंट और मजबूत साइबर सुरक्षा बेहद जरूरी है।

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