क्या खतरे में लाखों कर्मचारियों का डेटा?: बिक रहे टेक दिग्गजों के रिकॉर्ड्स, जानें कौन-सी कंपनियां निशानें पर

जागृति शुक्ला
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीजागृति शुक्ला
Tue, 18 Aug 2026 04:43 PM IST
सार

Data Breach:

टेक दुनिया में एक बड़ा सुरक्षा संकट सामने आया है। एक थ्रेट एक्टर ने दावा किया है कि उसने माइक्रोसॉफ्ट एज्योर एनवायरनमेंट से लाखों कर्मचारी के रिकॉर्ड्स चुराकर उन्हें ऑनलाइन बिक्री के लिए उपलब्ध करा दिया है। आइए जानते हैं इस कथित डेटा लीक के बारे में विस्तार से।

3.6 Million Employee Records Allegedly Stolen , Major Companies Named
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : एआई जनरेटेड

    विस्तार

    Microsoft Azure

    : द हैटमैन नाम के थ्रेट एक्टर की ओर से कथित डेटी लीक की बात सामने आई है। इस थ्रेट एक्टर का दावा है कि माइक्रोसॉफ्ट एज्योर से जुड़े 36.4 लाख से ज्यादा कर्मचारी रिकॉर्ड चोरी किया गया है। इसके साथ ही मैकडॉनल्ड्स, गैप इंक, वोडाफोन, HCL टेक्नोलॉजीज, इंटरकॉन्टिनेंटल होटल्स ग्रुप (IHG), काइंड्रिल और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के रिकॉर्ड्स भी चुराए गए हैं।

    हालांकि यहां सबसे महत्वपूर्ण बात है कि इस डेटा चोरी के दावे की स्वतंत्र रूप से अभी पुष्टि नहीं हुई है। ब्लीपिंग कंप्यूटर ने भी डेटाबेस की प्रााणिकता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं होने की बात कही है। वहीं, कुछ कंपनियों ने इस कथित ब्रीच से साफ इंकार कर दिया है।

    लीक डेटा में क्या-क्या शामिल होने का दावा?

    थ्रेट एक्टर के अनुसार, बिक्री के लिए रखे गए डेटाबेस में कर्मचारियों की संवेदनशील व निजी जानकारियां जैसे कर्मचारियों का पूरा नाम, ऑफिशियल व पर्सनल ईमेल एड्रेस, फोन नंबर और पोस्टल एड्रेस, जॉब टाइटल्स, एंप्लॉई आई और सर्विस अकाउंट्स समेत अन्य क्रेडेंशियल डिटेल्स के शामिल होने का दावा किया जा रहा है।

    कितने डेटा की चोरी का दावा किया?

    • रिपोर्ट्स की माने तो थ्रेट एक्टर ने कुली करीब 3.64 मिलियन रिकॉर्ड्स होने का दावा किया है। उसका कहना है कि ये डेटा माइक्रोसॉफ्ट एज्योर और इंट्रा वातावरण तक हासिल किए गए एक्सेस के जरिए जुटाया गया है।
    • थ्रेट एक्टर ने कथित तौर पर संभावित खरीदारों को कुछ सैंपल रिकॉर्ड्स भी दिखाए हैं, ताकि डेटाबेस बेचने का दावा किया जा सके।

    सबसे बड़ा डेटाबेस किसका बताया जा रहा है?

    इस कथित लीक में सबसे बड़ा डेटाबेस मैकडॉनल्ड्स का बताया गया है। थ्रेट एक्टर का कहना है कि इसमें 17 लाख से ज्यादा कर्मचारी के नाम, कर्मचारी ID, ईमेल, जॉब टाइटल, फोन नंबर, पोस्टल एड्रेस और कुछ सर्विस अकाउंट्स जैसी जानकारी शामिल है। हालांकि, इन रिकॉर्ड्स की वास्तविकता और मौजूदा स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

    TCS ने किया डेटा ब्रीच के दावे से इनकार

    • वहीं, टीसीएस ने आठ से अधिक रिकॉर्ड्स के दावे को साफ-साफ मना कर दिया है। टीसीएस ने कहा है कि उसे अपने सिस्टम या ग्राहक वातावरण में किसी ब्रीच का विश्वसनीय सबूत नहीं मिला।
    • कंपनी के अनुसार कथित जानकारी पुरानी हो सकती है और बेसिक कर्मचारी जानकारी तक सीमित दिखाई देती है। टीसीएस का कहना है कि कस्टमर डेटा या ऑपरेशनल सिस्टम प्रभावित होने का कोई सबूत नहीं मिला।
    • टीसीएस पहले भी स्पष्ट कर चुका है कि उसके अपने सिस्टम में किसी संबंधित घटना में समझौता नहीं हुआ था और ग्राहकों से जुड़े कुछ साइबर घटनाक्रमों की जांच सीधे संबंधित ग्राहकों द्वारा की जा रही थी।

    गैप ने भी कहा- ब्रीच का सबूत नहीं

    • टीसीएस अकेला नहीं है, जिसने इस कथित लीक को खारिज किया है। गैप इंक ने भी कथित घटना को लेकर कहा कि उसे अपने कॉरपोरेट सिस्टम के समझौता होने का कोई सबूत नहीं मिला।
    • कंपनी के अनुसार कथित डेटा सीमित, गैर-संवेदनशील और कई साल पुराना बताया जा रहा है। यानी ऑनलाइन पेश की जा रही जानकारी को सीधे वर्तमान कॉरपोरेट सिस्टम के ब्रीच का प्रमाण नहीं माना जा सकता।

    क्या आम लोगों को भी सावधान होने की जरूरत है?

    • साइबर एक्सपर्ट्स कहते हैं कि अगर किसी कंपनी का कर्मचारी डेटा वास्तव में चोरी हुआ है, तो इससे कर्मचारियों को फिशिंग, स्पैम, सोशल इंजीनियरिंग और पहचान-आधारित ठगी का खतरा बढ़ सकता है।
    • जैसे मान लीजिए, किसी हमलावर के पास नाम, नौकरी, ईमेल और फोन नंबर जैसी जानकारी होने पर वह ज्यादा विश्वसनीय दिखने वाला फर्जी ईमेल या कॉल तैयार कर सकता है। इसलिए कर्मचारियों को अनजान लिंक, संदिग्ध अटैचमेंट और पासवर्ड या OTP मांगने वाले संदेशों से विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

    क्या डरने की जरुरत है?

    हालांकि ऐसा हुआ है यानी डाटा लीक हुआ है, इस बात की अभी जांच की जा रही है। इसकी अभी साफ तौर पर और आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं हुई है। द हैटमैन की ओर से जो बिक्री के लिए डेटा पेश किया गया है, उस डेटा की भी अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए 36 लाख रिकॉर्ड चोरी को फिलहाल कथित डेटा चोरी के रूप में ही रिपोर्ट करना उचित है।

    कंपनियों को क्या करना चाहिए?

    ऐसी घटनाओं के जोखिम को कम करने के लिए कंपनियों को कर्मचारी और क्लाउड अकाउंट्स पर मल्टी फैक्टर ऑथेंटिकेशन यानी एफएफ ए लागू करना, पुराने या संदिग्ध क्रेडेंशियल्स को तुरंत निष्क्रिय करना, अनावश्यक परमिशंस हटाना और लॉगिन गतिविधियों की लगातार निगरानी करना जरूरी है। साथ ही संवेदनशील डेटाबेस तक पहुंच को सीमित रखना और अनयूज्यल या बल्क डाटा एक्सेस पर अलर्ट बनाना भी महत्वपूर्ण है।

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