Whatsapp New Privacy Policy: नए मंत्री के आते ही ठंडे पड़े व्हाट्सएप के तेवर, दिल्ली हाईकोर्ट में कही ये बड़ी बात

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Fri, 09 Jul 2021 03:35 PM IST
सार

व्हाट्सएप ने कोर्ट से कहा है कि उसके पास कोई रेगुलेटर बॉडी नहीं है। ऐसे में वह प्राइवेसी पॉलिसी पर सरकार के फैसले का इंतजार करेगी। व्हाट्सएप ने साफतौर पर कहा है कि कुछ समय के लिए वह नई प्राइवेसी पॉलिसी को लागू नहीं करेगा।

विज्ञापन
WhatsApp Privacy policy company said in Delhi high court will not force user to accept
whatsapp - फोटो : amarujala

    विस्तार

    व्हाट्सएप की प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर पिछले साल से ही बवाल चल रहा है। इसी साल फरवरी में व्हाट्सएप की नई प्राइवेसी पॉलिसी लागू होने वाली थी लेकिन विरोध के बाद कंपनी ने इसे मई तक के लिए टाल दिया था। उसके बाद व्हाट्सएप ने अपनी प्राइवेसी पॉलिसी लागू कर दी है।

    अब नए आईटी मंत्री के पद संभालते ही व्हाट्सएप ने दिल्ली हाईकोर्ट में कहा है कि उसने स्वेच्छा से अपडेट को तब तक के लिए रोक रखा है, जब तक इस पर फैसला नहीं आ जाता। व्हाट्सएप ने यह भी कहा है कि वह पॉलिसी स्वीकार करने के लिए यूजर पर दबाव नहीं बनाएगा और ना ही किसी फीचर को बंद उन यूजर्स के लिए बंद करेगा जिन्होंने पॉलिसी स्वीकार नहीं की है।

    विज्ञापन

    समक्ष यह भी साफ किया कि इस बीच वह नई निजता नीति को नहीं अपनाने वाले उपयोगकर्ताओं के लिए उपयोग के दायरे को सीमित नहीं करेगा। व्हाट्सएप की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने कहा, ‘‘हम स्वत: ही इस (नीति) पर रोक लगाने के लिए तैयार हो गए हैं। हम लोगों को इसे स्वीकार करने के लिए बाध्य नहीं करेंगे।’’ साल्वे ने कहा कि इसके बावजूद व्हाट्सएप अपने उपयोगकर्ताओं के लिए अपडेट का विकल्प दर्शाना जारी रखेगा।

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    अदालत फेसबुक और उसकी सहायक कंपनी व्हाट्सएप की अपीलों पर सुनवाई कर रही है जो व्हाट्सएपकी नई निजता नीति के मामले में जांच के भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के आदेश पर रोक लगाने से इनकार करने के एकल पीठ के आदेश के खिलाफ दाखिल की गयी हैं।

    दिल्ली हाईकोर्ट में व्हाट्सएप से डाटा प्राइवेसी पर भी सवाल पूछे गए। हाईकोर्ट ने व्हाट्सएप से पूछा कि आपके खिलाफ आरोप है कि आप यूजर्स का डाटा दूसरी कंपनियों को देते हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि भारत के लिए व्हाट्सएप की अलग नीति है, जबकि यूरोप के लिए अलग, ऐसा क्यों?

    और पढ़ें...
    Login or Signup
    अपना शहर चुनें