मैसेज पढ़ने की शर्त को छोड़कर सरकार की सभीं शर्तें मानेगा व्हाट्सएप

पिछले कई महीनों से सरकार के दवाब के बाद फेसबुक के स्वामित्व वाला व्हाट्सएप सरकार की सभीं शर्तों को मानने के लिए राजी हो गया है। व्हाट्सएप ने कहा है कि फर्जी खबरों को रोकने के लिए वह सरकार की सभीं शर्तों को मानने के लिए तैयार है लेकिन वह मैसेज को सरकार को ट्रैक करने की इजाजत नहीं देगा यानि सरकार आपके मैसेज पर नजर नहीं रख सकती है। इसके पीछे व्हाट्सएप ने यूजर्स की प्राइवेसी का हवाला दिया है।
भारत में व्हाट्सएप के 20 करोड़ से ज्यादा सक्रिय यूजर्स हैं। ऐसे में व्हाट्सएप के लिए दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है, क्योंकि पूरी दुनिया में व्हाट्सएप के 150 करोड़ यूजर्स हैं। व्हाट्सएप जल्द ही भारत में यूपीआई आधारित पेमेंट सर्विस लांच करने वाला है। इसकी टेस्टिंग भी चल रही है, लेकिन इससे ठीक पहले व्हाट्सएप फेक न्यूज को लेकर विवाद में आ गया है।
फेक न्यूज को रोकने के लिए सरकार ने व्हाट्एप को चेतावनी भी दी है कि अगर वह अपने प्लेटफॉर्म पर फर्जी खबरों को रोकने में नाकाम होता है तो उसे भारत में बैन भी किया जा सकता है। बता दें कि साल 2014 में फेसबुक ने व्हाट्सएप को 19 बिलियन डॉलर में खरीदा था।
गौरतलब है कि व्हाट्एप के सीईओ क्रिश डेनियल ने मंगलवार को केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद से मुलाकात की है। इस मुलाकात में डेनियल ने प्रसाद को फेक न्यूज को रोकने के लिए कई नए फीचर्स लांच करने का वादा किया है। इस दौरान रविशंकर प्रसाद ने उनसे भारत में ऑफिस खोलने की बात की। इसके अलावा उन्होंने फर्जी खबरों के सोर्स को भी ब्लॉक करने को कहा है।