Twitter Takedown Case: ट्विटर अकाउंट्स ब्लॉकिंग मामले में सुनवाई फिर स्थगित, कर्नाटक हाई कोर्ट ने बढ़ाई तारीख
Twitter Takedown Case: इससे पहले 9 जनवरी को ट्विटर अकाउंट्स ब्लॉकिंग मामले की सुनवाई की गई थी। सुनवाई के दौरान केंद्र ने स्थगन की मांग की थी और कोर्ट ने सरकार द्वारा स्थगन की मांग के लगातार मामलों पर नाराजगी व्यक्त की थी।

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कर्नाटक उच्च न्यायालय ने बुधवार को माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई को एक बार फिर स्थगित कर दिया है। केंद्र सरकार के एक अनुरोध के बाद उच्च न्यायालय ने ट्विटर की याचिका की सुनवाई स्थगित की है। इस मामले की सुनवाई अब 7 फरवरी को होगी। बता दें कि इससे पहले इस मामले की सुनवाई 9 जनवरी को भी स्थगित कर दी गई थी। जिसके बाद न्यायालय ने केंद्र सरकार द्वारा बार-बार स्थगन की मांग पर नाराजगी व्यक्त की थी।
एडिशनल सॉलिसिटर जनरल आर शंकरनारायणन ने कोर्ट को सूचित किया कि सॉलिसिटर जनरल सुप्रीम कोर्ट की एक संवैधानिक पीठ के समक्ष एक अन्य मामले पर बहस कर रहे थे और वह हाल ही में बीमार होकर लौटे थे। उन्होंने सुनवाई 7 फरवरी तक स्थगित करने की मांग की है। हाई कोर्ट ने ट्विटर के अधिवक्ता से स्थगन के लिए सहमति भी मांगी। कोर्ट ने कहा कि वह याचिकाकर्ता की सहमति के बाद ही मामले को स्थगित करेगी। जिसके बाद कोर्ट ने सुनवाई को 7 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दिया है। ट्विटर की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद दातार और अशोक हारणहल्ली ने दलील दी है। अब केंद्र सरकार के पक्ष में दलीलें अभी हाईकोर्ट के सामने पेश की जानी हैं।
इससे पहले 9 जनवरी को इस मामले की सुनवाई की गई थी। सुनवाई के दौरान केंद्र ने स्थगन की मांग की थी और कोर्ट ने सरकार द्वारा स्थगन की मांग के लगातार मामलों पर नाराजगी व्यक्त की थी। कोर्ट ने कहा, "हम इस तरह सरकार के आदेश पर नहीं हैं। मैं सहमत नहीं हूं। लोग क्या सोचेंगे? हम आपके इशारे पर नहीं हैं। आपने कितनी बार स्थगन लिया है। ऑर्डर शीट देखें।" कोर्ट ने कहा वह केवल एक सप्ताह का समय देगी और मामले को 18 जनवरी को सूचीबद्ध करने का आदेश दिया गया है। बता दें कि जस्टिस कृष्णा एस दीक्षित इस मामले की सुनवाई कर रहे हैं।