सोशल मीडिया: अज्ञात एजेंसी के अनुरोध पर ट्विटर ने कार्टूनिस्ट मंजुल समेत तीन को भेजा नोटिस
इस सप्ताह की शुरुआत में, ट्विटर ने भारत सरकार को आश्वासन दिया था कि वह नए आईटी नियमों के तहत मुख्य अनुपालन अधिकारी की नियुक्ति को अंतिम रूप देने के अग्रिम चरण में है। उसने कहा था कि वह एक सप्ताह के भीतर अतिरिक्त विवरण प्रस्तुत करेगा। हाल ही में केंद्र सरकार की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार भारत में माइक्रोब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर के लगभग 1.75 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता हैं।

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कानून लागू करने वाली अज्ञात एजेंसियों ने ट्विटर से जानेमाने कार्टूनिस्ट मंजुल, तथ्य जांच करने वाली वेबसाइट ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर और अन्य के कुछ ट्वीट को कथित तौर पर कानून के उल्लंघन को लेकर हटाने के लिए कहा है। मंजुल, जुबैर और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफार्म की ओर से भेजे गए नोटिस के स्क्रीनशॉट पिछले कुछ दिनों के दौरान अपने ट्विटर हैंडल पर साझा किए हैं।
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार इस मामले में सूत्रों ने कहा कि इलेक्ट्रानिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय इन विधिक अनुरोधों को ट्विटर के पास भेजने में शामिल नहीं है। यह स्पष्ट नहीं है कि किन एजेंसियों ने इन उपयोगकर्ताओं द्वारा किए गए ट्वीट के मामले को उठाया है और किन उल्लंघनों के लिए ऐसा किया है। वहीं, ट्विटर ने अभी तक इस मामले में कुछ नहीं कहा है। ट्विटर को भेजे गए ईमेल का भी अभी तक कोई जवाब नहीं आया है।
इस बीच, मंजुल द्वारा साझा किए गए स्क्रीनशॉट में ट्विटर को यह कहते हुए दिखाया गया है, 'हम यह आपको पारदर्शिता के हित में सूचित करने के लिए लिख रहे हैं कि ट्विटर को आपके अकाउंट के संबंध में भारतीय कानून लागू करने वाली एजेंसियों से एक अनुरोध प्राप्त हुआ है जिसमें दावा किया गया है कि ट्वीट की सामग्री से भारत के कानून का उल्लंघन होता है। इस अनुरोध के परिणामस्वरूप इस समय उक्त सामग्री पर कोई कार्रवाई नहीं की है।'
ट्विटर ने नोटिस में कहा कि यदि उसे किसी उपयोगकर्ताओं के अकाउंट से सामग्री हटाने के लिए किसी अधिकृत इकाई (जैसे कानून लागू करने वाली या सरकारी एजेंसी) से कानूनी अनुरोध प्राप्त होता है तो उन्हें सूचित करना कंपनी की नीति है। ट्विटर ने यह भी कहा कि हालांकि हम कानूनी सलाह देने में असमर्थ है, पर हम चाहते हैं कि आपको अनुरोध का मूल्यांकन करने का मौका मिले और आप चाहें तो अपने हितों की रक्षा के लिए उचित कार्रवाई करें।
ट्विटर ने कहा, 'इसमें कानूनी सलाह लेना और अदालत में अनुरोध को चुनौती देना, प्रासंगिक नागरिक समाज संगठनों से संपर्क करना, स्वेच्छा से सामग्री को हटाना (यदि लागू हो) या कोई अन्य समाधान खोजना शामिल हो सकता है।' बता दें कि मंजुल के लाश मोहम्मद जुबैर और सूर्य प्रताप सिंह ने भी ट्विटर से समान शब्दों वाले नोटिस के स्क्रीनशॉट अपने-अपने अकाउंट पर साझा किए। इन तीनों उपयोगकर्ता के प्लेटफॉर्म पर लाखों फॉलोअर्स हैं।
पिछले कुछ महीनों के दौरान ट्विटर का भारत सरकार के साथ कई बार टकराव हुआ है। इसमें किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान टकराव और बाद में तब हुआ टकराव शामिल है जब इसने सत्तारूढ़ दल भाजपा के कई नेताओं के राजनीतिक पोस्ट को 'मैनिपुलेटेड मीडिया' के रूप में टैग किया था। इसके अलावा ट्विटर को भारत सरकार की ओर से लाए गए नए आईटी नियमों का पालन करने में देरी के लिए भी दबाव का सामना करना पड़ रहा है।
इसके तहत बड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म को अतिरिक्त उपाय करने की जरूरत है तथा प्लेटफॉर्म पर पोस्ट की सामग्री के लिए अधिक जवाबदेह और जिम्मेदार बनने की जरूरत है। नियमों के तहत प्रमुख सोशल मीडिया मंचों जिनके पंजीकृत उपयोगकर्ताओं की संख्या 50 लाख से अधिक है उन्हें एक शिकायत अधिकारी, एक नोडल अधिकारी और एक मुख्य अनुपालन अधिकारी नियुक्त करना आवश्यक है। ये कर्मचारी भारत के नागरिक होने चाहिए।