Elon Musk से डील के बाद हर दिन दस लाख अकाउंट हटा रहा Twitter, जानिए क्या है कारण

विशाल मैथिल
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीविशाल मैथिल
Fri, 08 Jul 2022 03:32 PM IST
सार

मस्क ने कहा है कि अगर कंपनी यह नहीं दिखा सकती कि उसके डेली एक्टिव यूजर्स में से 5 प्रतिशत से कम स्पैम अकाउंट हैं तो वह इस डील से दूर हो जाएंगे।

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Twitter Removes 1 Million fake accounts Each Day Amid Doubts Over Elon Musk’s Deal
ट्विटर - फोटो : सोशल मीडिया

    विस्तार

    माइक्रो ब्लॉगिंग व सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर हर दिन करीब एक मिलियन (10 लाख) फेक अकाउंट को अपने प्लेटफॉर्म से हटा रहा है। एलन मस्क से डील के बाद ट्विटर के अधिकारियों ने कहा कि ट्विटर फेक और बॉट अकाउंट को बंद करने पर ज्यादा ध्यान दे रहा है, क्योंकि मस्क स्पैम बॉट्स के खिलाफ हैं। थोड़े दिन पहले ही एलन मस्क ने ट्विटर पर 20% फेक और स्पैम अकाउंट होने का दावा दिया था, जबकि यह संख्या ट्विटर के 5 फीसदी के दावे से 4 गुना से भी अधिक हो सकते हैं। मस्क ने कहा था कि यदि ऐसे होता है तो वह इस डील को आगे नहीं बढ़ाएंगे।

    दरअसल, टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने ट्विटर को 44 बिलियन डॉलर (लगभग 3,48,700 करोड़ रुपये) में खरीदने की पेशकश की है। मस्क ने कहा है कि अगर कंपनी यह नहीं दिखा सकती कि उसके डेली एक्टिव यूजर्स में से 5 प्रतिशत से कम स्पैम अकाउंट हैं तो वह इस डील से दूर हो जाएंगे। मस्क ने सबूत पेश किए बिना कहा था कि ट्विटर इन स्पैम बॉट्स की संख्या को काफी कम करके आंका रहा है, जबकि यह संख्या 20% से भी अधिक हो सकती है।

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    जवाब में ट्विटर ने कहा कि प्रत्येक तिमाही में एक्टिव यूजर्स के आधार पर स्पैम अकाउंट का प्रतिशत 5 से कम हैं। वह हजारों अकाउंट्स की जांच कर रहे हैं। आईपी एड्रेस, फोन नंबर, भौगोलिक स्थान (Geolocation) और अकाउंट कब एक्टिव हुआ है, जैसी बातों के आधार पर अकाउंट की वास्तविकता की समीक्षा की जा रही है और फेक व स्पैम अकाउंट को बंद किया जा रहा है। निजी डाटा, जो सार्वजनिक रूप से और डाटा फायरहोज में उपलब्ध नहीं है, को मस्क को दिया गया है। इसमें आईपी पते (IP addresses), फोन नंबर और स्थान (location) शामिल हैं। ट्विटर ने कहा कि इस तरह के निजी डाटा से वास्तविक अकाउंट और स्पैम अकाउंट को पहचानने में मदद मिलती है।

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    फेक अकाउंट और सोशल नेटवर्किंग

    शुरुआत से ही फेक अकाउंट सोशल नेटवर्किंग साइट्स के लिए परेशानी बने हुए हैं। स्पैम बॉट्स का उपयोग ज्यादातर मैसेज को फैलाने और दुष्प्रचार के लिए किया जाता है। विज्ञापनदाता सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनके यूजर्स की संख्या के आधार पर पैसा खर्च करते हैं। यह भी एक कारण है कि कंपनियां इस पर बहुत ज्यादा ध्यान नहीं देती हैं। ट्विटर ने भी कहा था कि सभी स्वचालित अकाउंट स्पैम अकाउंट नहीं हैं, क्योंकि इनमें से कुछ अकाउंट द्वारा न्यूज, हेल्थ और मौसम से संबंधित अपडेट भेजे जाते हैं जिन्हें अच्छे बॉट ही कहा जाएगा।

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