Twitter: ट्विटर से बर्खास्त करने पर अरबों रुपये के हकदार हैं शीर्ष अधिकारी, मस्क नहीं देना चाहते ये रकम
बीते हफ्ते ट्विटर हेडक्वार्टर में काम शुरू करने के साथ ही मस्क ने कंपनी के सीईओ पराग अग्रवाल समेत कई अधिकारियों को निकाल दिया था।

विस्तार
ट्विटर को खरीदने के बाद एलन मस्क इस प्लेटफॉर्म को लेकर लगातार बड़े फैसले कर रहे हैं। बीते हफ्ते ट्विटर हेडक्वार्टर में काम शुरू करने के साथ ही मस्क ने कंपनी के सीईओ पराग अग्रवाल समेत कई अधिकारियों को निकाल दिया था। ये सभी शीर्ष अधिकारी कंपनी से निकाले जाने के बाद 122 मिलियन अमरीकी डालर (करीब 1009 करोड़ रुपये) से अधिक के गोल्डन पैराशूट भुगतान के हकदार होंगे।
बता दें कि गोल्डन पैराशूट अनिवार्य रूप से एक अनुबंध है जो किसी कंपनी के शीर्ष अधिकारियों को किसी अन्य कंपनी में मर्ज होने, टेकओवर या टेकओवर के बाद अपनी नौकरी खोने की स्थिति में पर्याप्त लाभ का अधिकार देता है। इसको पॉइजन पिल (poison pill) के रूप में भी जाना जाता है क्योंकि यह अधिग्रहण कंपनी के खिलाफ सुरक्षा के रूप में कार्य कर सकता है। इसी साल अगस्त में यूएस-आधारित कॉरपोरेट रिसर्च फर्म इक्विलर ने अनुमान लगाया था कि अगर पूर्व सीईओ पराग अग्रवाल को टेकओवर के बाद बर्खास्त किया जाता है, तो उन्हें अकेले 42 मिलियन अमरीकी डालर का भुगतान प्राप्त हो सकता है।
कंपनी फाइलिंग के अनुसार नौकरी से बर्खास्त किए जाने के बाद पराग अग्रवाल को सबसे बड़ा भुगतान प्राप्त होने की संभावना है, जिसकी कीमत 57.4 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 471 करोड़ रुपये) है, जबकि सहगल और गेड्डे क्रमशः 44.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर और 20 मिलियन अमेरिकी डॉलर के हकदार हैं।
तीनों अधिकारियों के पास 1.2 मिलियन शेयर भी हैं, जिन्हें मस्क द्वारा खरीदे जाने की संभावना है, जो कि किसी भी टेकओवर में स्टैंडर्ड हैं। यानी इन शेयर के अग्रवाल को 8.4 मिलियन अमरीकी डालर (करीब 69 करोड़ रुपये), सहगल को 22 मिलियन अमरीकी डालर (करीब 180 करोड़ रुपये) और गड्डे को 34.8 मिलियन अमरीकी डालर (करीब 286 करोड़ रुपये) मिलेंगे।
मस्क नहीं देना चाहते ये राशि
वहीं, मस्क यह लाभ नहीं देना चाहते। मस्क का मानना है कि इन सभी पूर्व अधिकारियों ने नौकरी के समझौते की शर्तों का उल्लंघन किया है। इस वजह से इन्हें बिना किसी लाभ के बर्खास्त किया गया है, लिहाजा ये किसी भी ऐसे लाभ के हकदार नहीं, जो सामान्य परिस्थिति में नौकरी से निकाले जाने के समय दिए जाने थे।
दुनिया के सबसे अमीर शख्स मस्क के लिए भी ये कर्ज से भरा सौदा महंगा हो गया है। मस्क ने जुलाई में ट्विटर के साथ सौदे को समाप्त करने की कोशिश करने के बाद विशेष रूप से कानूनी लागत लाखों डॉलर में चलने की संभावना है। दरअसल, मस्क ने उस समय यह तर्क देते दिया था कि कंपनी ने उन्हें सोशल नेटवर्क पर बॉट अकाउंट (ऑटोमेटेड सोशल मीडिया अकाउंट) की संख्या पर गुमराह किया था।
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 44 बिलियन डॉलर में ट्विटर को खरीदने के बाद, एलन मस्क ने प्लेटफॉर्म की नीतियों में सुधार करना शुरू कर दिया है और कर्मचारियों को बर्खास्त करने से भी परहेज नहीं कर रहे हैं। वहीं मस्क कंटेंट निर्णयों को निर्धारित करने के लिए एक काउंसिल बनाने की भी योजना बना रहे हैं।