Social Media Ban: आंध्र प्रदेश में बच्चों पर सोशल मीडिया बैन की तैयारी, CM का बड़ा एलान; जानें कब से होगा लागू
Andhra Pradesh social media ban:
देश में डिजिटल सुरक्षा की दिशा में आंध्र प्रदेश सरकार भी सख्त हो गई है। मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने विधानसभा में घोषणा की है कि अगले 90 दिनों के भीतर 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लाग दिया जाएगा। कर्नाटक के बाद इस तरह का सख्त फैसला लेने वाला आंध्र प्रदेश देश का दूसरा बड़ा राज्य बनने जा रहा है।

विस्तार
बच्चों में बढ़ती डिजिटल लत और ऑनलाइन जोखिम को देखते हुए एन चंद्रबाबू नायडू की सरकार बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। आंध्र प्रदेश विधानसभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले 90 दिनों में 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया एक्सेस बंद किया जा सकता है। फिलहाल सरकार यह भी विचार कर रही है कि उम्र सीमा 13 साल हो या 16 साल।
बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर सख्ती की तैयारी
आंध्र प्रदेश सरकार नाबालिगों के सोशल मीडिया उपयोग को सीमित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रही है। राज्य विधानसभा में बोलते हुए मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि सरकार को सुझाव मिला है कि 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रोक लगाई जाए। उन्होंने कहा कि सरकार इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार कर रही है और अगले 90 दिनों के भीतर इस पर ठोस निर्णय लिया जा सकता है।
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उम्र सीमा पर अभी चल रही चर्चा
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार के सामने दो विकल्प हैं सोशल मीडिया उपयोग की न्यूनतम उम्र 13 साल तय करना या इसे बढ़ाकर 16 साल करना। सरकार इस पर एक्सपर्ट्स और समाज के अलग-अलग वर्गों से राय ले रही है। जो भी व्यापक सहमति बनती है, राज्य में उसी उम्र के लिए नियम लागू किया जा सकता है।
क्यों जरूरी माना जा रहा यह कदम
सरकार का कहना है कि आजकल बच्चे बहुत कम उम्र में ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग करने लगते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इससे कई समस्याएं पैदा हो सकती हैं। जैसे अत्यधिक स्क्रीन टाइम और डिजिटल लत, ध्यान और पढ़ाई पर असर, साइबर बुलिंग और ऑनलाइन धोखाधड़ी का खतरा। साथ ही अनुचित या हानिकारक कंटेंट तक पहुंच भी एक बड़ा खतरा माना जा रहा है। इन्हीं जोखिमों को कम करने के लिए सरकार यह कदम उठाने पर विचार कर रही है।
भारत में बढ़ रही बहस
हाल के समय में कई राज्य सरकारें बच्चों की डिजिटल सुरक्षा को लेकर चिंतित दिखाई दे रही हैं। शिक्षाविदों और मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि कम उम्र में सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग बच्चों के मानसिक और सामाजिक विकास को प्रभावित कर सकता है। अगर आंध्र प्रदेश इस नियम को लागू करता है, तो यह भारत में नाबालिगों के सोशल मीडिया उपयोग को नियंत्रित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जाएगा।