Child Safety: पाकिस्तान में भी बिना पैरेंट्स की अनुमति नहीं बना सकेंगे सोशल मीडिया अकाउंट, जानें नया प्रस्ताव

जागृति
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीजागृति
Wed, 15 Jul 2026 03:48 PM IST
सार

Pakistan Social Media Rules:

बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर दुनिया भर में नियम सख्त हो गए हैं। तमाम देशों के बाद अब पाकिस्तान में भी 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर नियंत्रण की मांग की जा रही है। आइए जानते हैं इसके बार में विस्तार से...

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Pakistan Proposes Parental Consent Social Media Accounts Children Under 16
सोशल मीडिया इस्तेमाल पर नियंत्रण की उठी मांग - फोटो : एआई जनरेटेड

    विस्तार

    Social Media Age Limit:

    बच्चों में बढ़ती डिजिटल लत, साइबर बुलिंग और ऑनलाइन शोषण के खतरों के बीच अब पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर सख्त कदम उठाने की मांग हुई है। पंजाब असेंबली में सत्ताधारी गठबंधन की सहयोगी पार्टी इस्तेहकाम-ए-पाकिस्तान पार्टी (IPP) की सारा अहमद ने एक प्रस्ताव पेश किया है, जिसमें 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए माता-पिता की सहमति के बिना सोशल मीडिया अकाउंट बनाने पर पूर्ण रोक लगाने की मांग की गई है।

    बच्चों की सुरक्षा को बताया प्राथमिकता

    पंजाब चाइल्ड प्रोटेक्शन ब्यूरो की चेयरपर्सन सारा अहमद ने इस प्रस्ताव को बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा जरूरी कदम बताया है। प्रस्ताव में कहा गया है कि बच्चों के शारीरिक, मानसिक, मनोवैज्ञानिक और नैतिक विकास की रक्षा करना राज्य की संवैधानिक और नैतिक जिम्मेदारी है।इसके अनुसार, सोशल मीडिया तक बिना किसी नियंत्रण के पहुंच बच्चों को साइबर बुलिंग, ऑनलाइन यौन शोषण, अनुचित कंटेंट, मानसिक तनाव, डिजिटल लत और अन्य ऑनलाइन खतरों के संपर्क में ला रही है।माता-पिता की मंजूरी होगी अनिवार्य

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    प्रस्ताव में मांग की गई है, कि केंद्र सरकार ऐसा कानून बनाए, जिसके तहत 16 साल से कम उम्र के बच्चे तभी सोशल मीडिया अकाउंट बना या चला सकें, जब किसी एज वैरिफिकेशन प्रणाली के जरिए माता-पिता या कानूनी अभिभावक की अनुमति की पुष्टि हो जाए। यानी केवल उम्र बताना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि पैरेंटल कंसेंट को भी अनिवार्य बनाने की बात कही गई है।

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    PTA को दी गई बड़ी जिम्मेदारी

    प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान टेलीकम्यूनिकेशन एथॉरिटी (PTA) पाकिस्तान में काम कर रहे सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रभावी आयु सत्यापन प्रणाली लागू कराए।इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रस्तावित नियमों का सही तरीके से पालन हो और नाबालिग बच्चे बिना आवश्यक अनुमति के सोशल मीडिया का इस्तेमाल न कर सकें।

    पहली बार विधानसभा में आया ऐसा प्रस्ताव

    यह प्रस्ताव पाकिस्तान की किसी भी प्रांतीय या राष्ट्रीय विधानसभा में अपनी तरह का पहला प्रस्ताव माना जा रहा है। इसमें सिर्फ पंजाब ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए व्यापक कानून बनाने की सिफारिश की गई है, ताकि बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए एक समान व्यवस्था लागू की जा सके।

    दुनिया भर में सख्त हो रहे हैं सोशल मीडिया नियम

    यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है, जब कई देश बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर नए नियम बना रहे हैं। लगातार हो रहे शोध में सामने आया है कि अत्यधिक सोशल मीडिया उपयोग का संबंध मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं, साइबर दुर्व्यवहार और हानिकारक ऑनलाइन सामग्री के संपर्क से जोड़ा जा रहा है। इसी वजह से सरकारें बच्चों के लिए डिजिटल सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही हैं।

    और भी देश उठा चुके हैं ऐसे कदम

    पाकिस्तान अकेला देश नहीं है, जो यह कदम उठाया है। इसके पहले ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय संघ (EU) समेत कई देश हाल के समय में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आयु-आधारित प्रतिबंध लागू किए हैं। वहीं, कई अन्य देश भी आयु सत्यापन को अनिवार्य बनाने और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए सख्त कानून तैयार करने पर विचार कर रहे हैं।

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