Meta: मेटा ने दिया भारत सरकार को करोड़ों का टैक्स, क्या वाट्सएप की ये नई पॉलिसी बन सकती है कंपनी का सिरदर्द?

सुयश पांडेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीसुयश पांडेय
Fri, 30 Jan 2026 12:10 PM IST
सार

Meta Income Tax: मेटा ने खुलासा किया है कि उसने साल 2025 में भारत सरकार को ₹5,993 करोड़ (652 मिलियन डॉलर) का इनकम टैक्स चुकाया है, जो टैक्स रिफंड समायोजन के बाद की शुद्ध राशि है। वैश्विक स्तर पर मेटा ने कुल 7.57 बिलियन डॉलर टैक्स का भुगतान किया, जिसमें भारत का हिस्सा काफी अहम रहा। यह आंकड़ा भारत के डिजिटल बाजार के बढ़ते महत्व को दर्शाता है।

Meta Pays ₹5,993 Crore Income Tax in India for 2025, Flags Regulatory and Legal Risks
Meta Office - फोटो : Meta

    विस्तार

    फेसबुक, इंस्टाग्राम और वाट्सएप चलाने वाली कंपनी मेटा ने बताया है कि उसने साल 2025 में भारत सरकार को ₹5,993 करोड़ (652 मिलियन डॉलर) का इनकम टैक्स दिया है। कंपनी ने साफ किया कि यह वह रकम है जो उसे मिलने वाले टैक्स रिफंड को काटने के बाद बची थी। अगर पूरी दुनिया की बात करें, तो मेटा ने कुल 7,578 मिलियन डॉलर का टैक्स भरा, जिसमें से एक बड़ा हिस्सा भारत के खाते में गया है।

    नियामक चुनौतियों का सामना

    टैक्स की जानकारी देने के साथ-साथ मेटा ने यह भी बताया है कि भारत में वह कई कानूनी उलझनों और जांच का सामना कर रही है। कंपनी ने खास तौर पर 2021 के वाट्सएप प्राइवेसी पॉलिसी अपडेट का जिक्र किया, जिसकी जांच अभी कई अदालतों और सरकारी विभागों में चल रही है। इसके अलावा, मेटा इस बात से भी चिंतित है कि भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) और सुप्रीम कोर्ट में फेसबुक और वाट्सएप के बीच डाटा शेयर करने को लेकर मामले चल रहे हैं। फिलहाल, कंपनी इन कानूनी फैसलों के खिलाफ अपील कर रही है।

    भविष्य के वित्तीय परिणामों पर जोखिम

    मेटा ने आगाह किया है कि अगर उसे एक देश से दूसरे देश डाटा भेजने या अपने एप्स (जैसे फेसबुक और वाट्सएप) के बीच जानकारी साझा करने से रोका गया, तो उसे बड़ी मुश्किल होगी। इससे कंपनी अपनी सेवाएं ठीक से नहीं दे पाएगी और विज्ञापनों को सही लोगों तक पहुंचाना भी कठिन हो जाएगा, जिससे उसकी कमाई घट सकती है।

    कंपनी ने भारत और जर्मनी जैसे देशों के कड़े नियमों का जिक्र करते हुए कहा कि अगर वह आपत्तिजनक पोस्ट हटाने या जांच में पुलिस की मदद करने जैसे नियमों को नहीं मानती है, तो उस पर भारी जुर्माना लग सकता है या उसकी सेवाओं पर बैन भी लग सकता है। मेटा को डर है कि भारत में चल रही कानूनी जांचें भविष्य में उसके कामकाज को पूरी तरह ठप कर सकती हैं।

    Login or Signup
    अपना शहर चुनें