पिछले 14 सालों से माफी मांगते आ रहे हैं मार्क जुकरबर्ग लेकिन नहीं हो रहा सुधार

फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग को मंगलवार की रात अमेरिकी कांग्रेस के सामने कैंब्रिज एनालिटिका डाटा लीक पर सिनेटर्स के 44 सवालों के जवाब देने पड़े। सवाल-जवाब का यह सिलसिला करीब 5 घंटे तक चला। इस दौरान कई बार जुकरबर्ग घबराए नजर आए। हालांकि उन्होंने फिर से एक बार माफी मांगी। अमेरिकी कांग्रेस के समक्ष उन्होंने लिखित में माफी मांगी और माना कि वे फेसबुक के 8.7 करोड़ यूजरों का निजी डाटा सुरक्षित नहीं रख पाए, डाटा की हेराफेरी होती रही और उसका गलत ढंग से इस्तेमाल होता रहा। हालांकि यह पहली बार नहीं है जब जुकरबर्ग ने माफी मांगी है। इससे पहले भी वे 12 बार माफी मांग चुके हैं लेकिन वे हर बार प्राइवेसी को फिक्स करने में नाकाम रहे हैं। चलिए हम आपको बताते हैं कि उन्होंने कब-कब माफी मांगी और क्या कहा?
मार्क जुकरबर्ग ने कब-कब और क्यों मांगी माफी?

नवंबर 2003
फेसबुक के शुरू होने से पहले से ही डाटा लीक का सिलसिला जारी है। इसके शुरू होने से ठीक 1 साल पहले 2003 में मार्क जुकरबर्ग के कारण हॉवर्ड यूनिवर्सिटी के छात्रों की फोटो लीक हुई थी जिसके बाद जुकरबर्ग ने माफी मांगी। 2003 में यह डाटा Facemash के जरिए हुआ था जिसे जुकरबर्ग ने अपने दोस्तों के सात मिलकर तैयार किया था।
सितंबर 2006
फेसबुक के न्यूज फीड फीचर आने के बाद दोस्तों की एक्टिविटी का पता एक ही जगह से चल रहा था. इस पर काफी बवाल हुआ। इसके बाद जुकरबर्ग ने माफी मांगी। दरअसल इस फीचर के से दूसरे लोगों को पता चल जा रहा था कि आप फेसबुक पर क्या कर रहे हैं।
दिसंबर 2007
इस साल में फेसबुक ने Beacon सिस्टम को पेश किया। इसकी मदद से विज्ञापनकर्ताओं को फेसबुक यूजर्स का डाटा देने लगा ताकि यूजर्स को उसी जरूरत के मुताबिक विज्ञापन दिखाए जाएं। इस फीचर के जरिए कोई भी वेबसाइट और ऐप फेसबुक से विज्ञापन के लिए डाटा ले सकते थे। इसके बाद भी फेसबुक ने पॉलिसी बदली और माफी मांगी।
फरवरी 2009
फेसबुक ने नियम और शर्तों की लिस्ट जारी की जिसके बाद यूजर्स ने विरोध किया। इस बार भी फेसबुक ने माफी मांगी और पॉलिसी को फिर से बदला।
मई 2010
एक बार फिर से फेसबुक की प्राइवेसी पॉलिसी में सुराग मिला जिसके बाद कंपनी ने माफी मांगी और सुधार करने का वादा किया। इस लूपहोल के जरिए कोई भी एडवरटाइजर फेसबुक से यूजर्स का डाटा एक्सेस कर सकता था।
नवंबर 2011
फेसबुक पर फिर से यूजर्स को धोखा देने का आरोप लगा। प्राइवेसी को लेकर फेडरल ट्रेड कमिशन ने फेसबुक को लताड़ा। इस बार भी जुकरबर्ग ने कहा कि हम गलतियां करते हैं और उसी से सीखते हैं। हम हमेशा अपने यूजर्स की प्राइवेसी की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्द हैं।
जुलाई 2014
2014 में एक रिपोर्ट के जरिए खुलासा हुआ कि फेसबुक अपने करीब 7 लाख यूजर्स का साइकोलॉजिकल टेस्ट कर रहा है और वह भी बिना उन्हें बताए। इस बार कंपनी के COO Sheryl Sandberg ने माफी मांगी।
दिसंबर 2016
फेसबुक पर फेक न्यूज के जरिए राजनीतिक पार्टियों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगा। इस बार भी कंपनी ने अपनी गलती मांगते हुए माफी मांगी।
अप्रैल 2017
एक व्यक्ति ने फेसबुक पर 74 वर्षीय रॉबर्ट गॉडविन सीनियर की हत्या करते हुए वीडियो पोस्ट की थी। उस समय फेसबुक ने कहा था कि पीड़ित परिवार के प्रति हमारी हमदर्दी है और हम इसे फिक्स करने के लिए काम कर रहे हैं।
सितंबर 2017
चुनाव में हस्तक्षेप करके दूसरी पार्टियों को फायदा पहुंचाने का फेसबुक पर आरोप लगा। इसके लिए फेसबुक ने 9 स्टेप्स नाम से एक योजना भी शुरू की थी। इस दौरान भी फेसबुक ने माफी मांगी और कहा कि चुनावों में हमारा कोई रोल नहीं होगा।
सितंबर 2017
रूस में 2016 में हुआ चुनाव में फेसुबक की भूमिका को लेकर कंपनी की काफी आलोचना हुई। इसके बाद फेसबुक ने बेहतर और निष्पक्ष काम करने का वादा किया।
मार्च 2018
अमेरिका फर्म कैम्ब्रिज एनालिटिका द्वारा दुनियाभर के यूजर्स के डाटा लीक का खुलासा। इस खुलासे के बाद भारत में भी बवाल मचा। इस बार भी फेसबुक ने माफी मांगी है लेकिन देखना है यह कि मार्क जुकरबर्ग इस बार वादा पूरा करते हैं या फिर माफी की लिस्ट में मार्च 2018 भी जुड़ जाएगा?