मनीष माहेश्वरी: कौन हैं ट्विटर इंडिया के पूर्व प्रबंध निदेशक, जानिए इनके बारे में सब कुछ
दिल्ली के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स के पूर्व छात्र मनीष माहेश्वरी खुद को ऐसे व्यक्ति के तौर पर देखते हैं जो जीवन में शुरुआत से ही अलग बनान चाहता है और चीजों को दूसरे तरीके से करना चाहता है। शुक्रवार को माइक्रोब्लॉगिंग साइट ने माहेश्वरी को ट्विटर इंडिया के एमडी पद से हटा दिया और उन्हें अमेरिका में कंपनी का काम-काज संभालने की जिम्मेदारी दी गई है। इस रिपोर्ट में जानिए मनीष माहेश्वरी के बारे में...

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मनीष माहेश्वरी ने दिल्ली के प्रतिष्ठित श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (एसआरसीसी) से पढ़ाई की है। यहां पढ़ने के दौरान उन्होंने छात्र संघ चुनाव में भी हिस्सा लिया था। वह यहां के छात्रों की पत्रिका के संपादक भी रहे। अतिरिक्त गतिविधियों में भाग लेने के लिए उन्हें कॉलेज के सर्वोच्च सम्मान प्रिंसिपल मदन मोहन मेडल से सम्मानित किया गया था। एसआरसीसी से स्नातक करने के बाद वह एमबीए (मास्टर्स इन बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन) करने के लिए अमेरिका में यूनिवर्सिटी ऑफ पेनिसिल्वेनिया के व्हार्टन स्कूल चले गए। यहां उन्हें उद्यमिता के लिए सर्वोच्च सम्मान शिल्स-जाइडमैन अवार्ड से सम्मानित किया गया।
माहेश्वरी ने अपना करियर प्रॉक्टर एंड गैंबल (पी एंड जी) के साथ शुरू किया था। यहां वह सबसे कम उम्र के क्षेत्रीय प्रवासी मैनेजरों में से एक थे। पी एंड जी के साथ काम करते हुए उन्होंने मुंबई, सिंगापुर और मनीला में काम किया था। इसके बाद वह अमेरिका की मैकिंजी कंपनी से जुड़े। साल 2011 में उन्होंने टेक्स्टवेब (TxtWeb) की स्थापना की। यह प्लेटफॉर्म एप डेवलपर्स को एसएमएस आधारित एप विकसित करने की अनुमति देता है। टेक्स्टवेब सिटिजन जर्नलिज्म के लिए सबसे बड़े मोबाइल प्लेटफॉर्म्स में से एक बन गया जहां लोग अपनी मातृभाषा में सूचना पा सकते हैं और साझा भी कर सकते हैं।
इसके अलावा माहेश्वरी ने ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट के साथ भी काम किया है। यहां वह मर्चेंट बिजनेस और सेलर इकोसिस्टम के अध्यक्ष के तौर पर कार्यरत थे। माहेश्वरी के कार्यकाल के दौकान फ्लिपकार्ट के मार्केटप्लेस में 10 गुना का इजाफा हुआ था। फ्लिपकार्ट के बाद माहेश्वरी अप्रैल 2016 में नेटवर्क18 के साथ जुड़े। यहां वह नेटवर्क18 जिजिटल के सीईओ रहे। ट्विटर के साथ माहेश्वरी अप्रैल 2019 में भारत के लिए प्रबंध निदेशक के तौर पर जुड़े थे। भारत में प्रौद्योगिकी और मीडिया में उनकी व्यापक पृष्ठभूमि के साथ भारतीय उपभोक्ताओं की गहरी समझ होने के कारण ट्विटर ने उन्हें बोर्ड में शामिल किया।