Fact Check: कुंभ के नाम पर वायरल हो रहा यह वीडियो, सच्चाई जानेंगे तो कहेंगे- हद है
वीडियो को "ये हरिद्वार के कुंभ का सच्चा video है. जो भी video social media में दिखाए जा रहे हैं वो सब पुराने हैं" कैप्शन के साथ शेयर किया जा रहा है।

विस्तार
सोशल मीडिया एक-दूसरे से वर्चुअल तौर पर जुड़ने का एक प्लेटफॉर्म है लेकिन लोग इसका गलत इस्तेमाल भी बड़े स्तर पर कर रहे हैं। सोशल मीडिया के इस जमाने में भी लोग लिखी हुई प्रत्येक बातों को सच मानते हैं। कई बार व्हाट्सएप पर फर्जी मैसेज वायरल होते हैं तो कई बार ट्विटर और फेसबुक पर भी फर्जी और पुराने वीडियो नए दावे के साथ शेयर होते हैं। कुंभ मेला को लेकर एक वीडियो पिछले दो दिनों से ट्विटर पर खूब वायरल हो रहा है। फेसबुक पर भी कई लोगों ने इस वीडियो को शेयर किया है।
कुंभ के नाम पर वायरल हो रहे वीडियो में क्या है?
सोशल मीडिया पर कुंभ के नाम पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें दावा किया जा रहा है कि वीडियो 14 अप्रैल का है। वीडियो में दो लोग आपस में बातें कर रहे हैं और कह रहे हैं कि पूरा हरिद्वार खाली पड़ा है। कहां है कुंभ में 25 लाख की भीड़? देखिए इस घाट पर दो-चार लोग ही नजर आ रहे हैं। पूरा हरिद्वार खाली है। कह रहे थे कि 25 लाख की आबादी नहाने आएगी, कही कोई नहीं है। पूरा रोड खाली पड़ा है। सब घाट खाली पड़े हैं। इस वीडियो को एक ही कैप्शन से कई लोगों ने ट्विटर पर शेयर किया है। वीडियो को"ये हरिद्वार के कुंभ का सच्चा video है. जो भी video social media में दिखाए जा रहे हैं वो सब पुराने हैं"कैप्शन के साथ शेयर किया जा रहा है।
क्या है वीडियो की सच्चाई?
यह वीडियो हरिद्वार का जरूर है लेकिन उस घाट का नहीं जहां पर लोग भारी संख्या में स्नान कर रहे हैं। यह वीडियो प्रेम नगर आश्रम के पास हाल ही में बने फ्लाई ओवर का है। प्रेम नगर आश्रम घाट पर कभी भी भीड़ नहीं होती है। यहां हमेशा दो-चार लोग ही नजर आते हैं। हमारे स्थानीय रिपोर्टर ने भी इस बात की पुष्टि की है कि यह वीडियो प्रेम नगर आश्रम घाट के फ्लाई ओवर का है।
फैक्ट चेक:
इस वीडियो के जरिए लोगों के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश की गई है। सरकार की ओर से भी इस बात की पुष्टि की गई है कि 14 अप्रैल को सभी 13 अखाड़ों के संतों के अलावा लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं ने हरिद्वार में गंगा स्नान किया है। महाकुंभ में नव संवत्सर पर हरकी पैड़ी एवं गंगा घाटों पर चार लाख 47 हजार श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई है तो ऐसे में इस वीडियो में किया जा रहा दावा गलत है।