पाकिस्तान की इस यूनिवर्सिटी में दी जाती है भारतीय जवानों को हनी ट्रैप करने की ट्रेनिंग!

प्रदीप पांडे
टेक डेस्क, अमर उजालाप्रदीप पांडे
Mon, 05 Aug 2019 05:33 PM IST
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Is this pakistani university giving Training about honey trap to Indian soldiers
Honey Trap by ISI - फोटो : Amar Ujala Graphics

    चीन और पाकिस्तान की इंटेलीजेंस एजेंसियाों की ओर से भारतीय सेना के जवानों के लिए हनी ट्रैप का बड़ा जाल बिछाया जा रहा है। इसे लेकर भारत सरकार की ओर एडवाइजरी भी जारी की जा चुकी है और हनी ट्रैप से बचने के लिए जवानों की रोजाना ट्रेनिंग भी हो रही है। सैन्य और अर्धसैनिक बलों में अब रोजाना रॉल कॉल के दौरान जवानों को हनी ट्रैप के बारे में बताया जाता है।

    सीमावर्ती इलाकों में हो रही महिला एजेंटों की भर्ती

    HONEY TRAP demo
    HONEY TRAP demo

    कुछ दिन पहले ही एक रिपोर्ट आई थी कि आर्मी के बाद अब अर्धसैनिक बलों पर हनी ट्रैप का खतरा मंडरा रहा है। गोपनीय सूचनाएं लीक कराने के लिए दोनों देशों सीमावर्ती इलाकों में बड़े पैमाने पर महिला एजेंटों की भर्ती करनी शुरू कर दिया है। भारतीय जांच एजेंसियों के ताजा खुलासे में पता चला है कि इन दोनों देशों की खुफिया इकाई ने फेसबुक, ऑरकुट व इंस्टाग्राम की मदद से सेना व अर्धसैनिक बलों के अफसरों के फोन नंबर जुटा लिए हैं।

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    मिलिट्री के मीडिया हाउस में निकली सोशल मीडिया के पद पर वैकेंसी

    social media job
    social media job - फोटो : fjwu

    वहीं अब फातिमा जिन्ना महिला यूनिवर्सिटी की साइट पर सोशल मीडिया स्पेसलिस्ट (महिला) की वैकेंसी का नोटिफिकेशन जारी हुआ है। वेबसाइट पर जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक यह वैकेंसी पाकिस्तानी मिलिट्री के एक मीडिया हाउस के लिए है। नोटिफिकेशन में कहा गया है कि उम्मीदवार को सोशल मीडिया मार्केटिंग और डिजिटल मीडिया में अनुभव होना चाहिए। इसके अलावा यह भी कहा गया है कि कैंडिडेट को टाइपिंग, फोटो-वीडियो और टेक्स्ट की एडिटिंग और प्रजेंटेशन आनी चाहिए। इसके अलावा कैंडिडेट के कम्यूनिकेशन स्किल्स अच्छे होने चाहिए और सोशल मीडिया टूल्स के बारे में भी जानकारी होनी चाहिए। सोशल मीडिया स्पेशलिस्ट के पद के लिए अंग्रेजी का ज्ञान रखने वाले कैंडिडेट्स को प्राथमिकता दी जाएगी। इस वैकेंसी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि कहीं यह वैकेंसी भी हनी ट्रैप का हिस्सा तो नहीं है।

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    तेजी से बढ़ रहा है हनी ट्रैप का मामला

    demo pic
    demo pic - फोटो : अमर उजाला

    आर्मी के बाद अब अर्धसैनिक बलों पर हैनी ट्रैप का खतरा मंडरा रहा है। गोपनीय सूचनाएं लीक कराने के लिए पहले ये दोनों देश अपने एजेंट को शहरों तक सीमित रखे हुए थे, लेकिन अब उन्होंने सीमावर्ती इलाकों में बड़े पैमाने पर महिला एजेंटों की भर्ती करनी शुरू कर दी है। भारतीय जांच एजेंसियों के ताजा खुलासे में पता चला है कि इन दोनों देशों की खुफिया इकाई ने फेसबुक, ऑरकुट व इंस्टाग्राम की मदद से सेना व अर्धसैनिक बलों के अफसरों के फोन नंबर जुटा लिए हैं। जवानों के पास प्राइवेट नंबर से महिलाओं के फोन आ रहे हैं। सेना और अर्धसैनिक बलों में लागू की गई 'वेपन इन, मोबाइल आउट' पॉलिसी भी कामयाब नहीं हो पा रही है।

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