Instagram: एआई जनरेटेड वीडियो से परेशान हुए इंस्टाग्राम हेड, कहा- लोग शक की निगाहों से देखेंगे कंटेंट

नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीनीतीश कुमार
Sun, 04 Jan 2026 06:16 PM IST
सार

इंस्टाग्राम के हेड एडम मोसेरी ने चेतावनी दी है कि एआई के बढ़ते दौर में अब 'परफेक्ट' तस्वीरों का महत्व खत्म हो जाएगा। साल 2026 में कंपनी का पूरा फोकस 'ऑथेंटिसिटी' यानी असलियत पर होगा। अब इंस्टाग्राम एआई कंटेंट को लेबल करने और असली पोस्ट को वेरीफाई करने के लिए नए टूल्स ला रहा है।

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इंस्टाग्राम - फोटो : FREEPIK

    विस्तार

    इंस्टाग्राम के हेड एडम मोसेरी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को प्लेटफॉर्म के भविष्य के लिए सबसे बड़ी चुनौती बताया है। दिसंबर के आखिर में साझा की गई एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि AI इतनी तेजी से आगे बढ़ रहा है कि जल्द ही असली तस्वीरों और वीडियो को AI से बने कंटेंट से अलग पहचानना बेहद मुश्किल हो जाएगा। ऐसे में इंस्टाग्राम को भी तेजी से खुद को बदलना होगा।

    मोसेरी के मुताबिक, AI जनरेटेड कंटेंट सिर्फ एक ट्रेंड नहीं, बल्कि सोशल मीडिया की पूरी सोच को बदल देने वाली तकनीक है। उन्होंने इसे अब तक देखे गए सबसे बड़े टेक्नोलॉजिकल बदलावों में से एक बताया।

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    AI कंटेंट से बढ़ता खतरा

    साल 2025 में AI आधारित इमेज और वीडियो जनरेशन टूल्स ने इंटरनेट पर जबरदस्त पकड़ बना ली। गूगल के नैनो बनाना और ओपनएआई के Sora जैसे टूल्स की वजह से एआई कंटेंट तेजी से लोकप्रिय हुआ। इंस्टाग्राम भी इस बदलाव का हिस्सा बना और उसने एआई कंटेंट क्रिएशन को सपोर्ट करने के लिए अपना Edits एप लॉन्च किया।

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    हालांकि, मोसेरी का मानना है कि यही तकनीक लंबे समय में इंस्टाग्राम के लिए जोखिम भी बन सकती है। 31 दिसंबर को शेयर किए गए 20-स्लाइड के कैरोसेल पोस्ट में उन्होंने लिखा कि 2026 की ओर बढ़ते हुए एक बड़ा बदलाव साफ दिख रहा है। उन्होंने बताया कि एआई जनरेटेड कंटेंट के इस दौर में ऑथेंटिसिटी को चकमा देना आसान हो गया है।

    भरोसे से शक की ओर

    मोसेरी ने माना कि डिजिटल कंटेंट को लेकर लोगों का पुराना भरोसा धीरे-धीरे टूट रहा है। पहले माना जाता था कि तस्वीरें और वीडियो असल घटनाओं की सच्ची झलक होते हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं रहा। उनके मुताबिक, एआई जनरेटेड कंटेंट के वजह से आने वाले वर्षों में लोग जो भी देखेंगे, उस पर सीधे भरोसा करने के बजाय पहले शक करेंगे।

    उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल इंस्टाग्राम एआई कंटेंट की पहचान कर सकता है, लेकिन जैसे-जैसे तकनीक बेहतर होगी, यह काम और कठिन होता जाएगा। भविष्य में एआई कंटेंट पकड़ने के बजाय असली फोटो और वीडियो को उसी समय क्रिप्टोग्राफिक सिग्नेचर के जरिए वेरिफाई करने पर ज्यादा जोर दिया जा सकता है।

    इंस्टाग्राम की आगे की रणनीति

    AI से भरे इस माहौल में इंस्टाग्राम खुद को प्रासंगिक बनाए रखने के लिए कई कदम उठाने की तैयारी में है। मोसेरी ने कहा कि प्लेटफॉर्म को एआई कंटेंट से निपटने के लिए बेहतर टूल्स बनाने होंगे, एआई से बने कंटेंट की साफ लेबलिंग करनी होगी और असली कंटेंट को वेरिफाई करने के मजबूत तरीके अपनाने होंगे। इसके साथ ही, यह भी दिखाया जाएगा कि कंटेंट कौन पोस्ट कर रहा है और उसकी विश्वसनीयता क्या है। इंस्टाग्राम अब तकनीकी परफेक्शन से ज्यादा ओरिजिनैलिटी और भरोसे को प्राथमिकता देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

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