Shy Robot: रेस में शर्माते हुए क्यों दौड़ा रोबोट? हाथ से छिपाया चेहरा, 400 मीटर की दौड़ में जीता गोल्ड मेडल!
Shy Robots Breaks Record:
बीजिंग में चल रहे वर्ल्ड ह्यूमनॉइड रोबोट गेम्स में एक रोबोट ने 400 मीटर दौड़ में सबका ध्यान खींच लिया। जीत से ज्यादा चर्चा उसकी दौड़ने की अनोखी शैली की हुई। यह रोबोट दौड़ते समय अपने दोनों हाथ चेहरे के पास रखकर दौड़ रहा था। यह नजर ऐसा था मानो उसे बहुत शर्म आ रही हो।

विस्तार
बीजिंग में आयोजित दूसरे विश्व ह्यूमनॉइड रोबोट गेम्स (World Humanoid Robot Games 2026) में एक ह्यूमनॉइड रोबोट 400 मीटर की दौड़ जीतकर सुर्खियां बटोर रहा है। हालांकि, उसकी जीत से ज्यादा लोगों को उसकी दौड़ने के अजीबोगरीब ढंग ने हैरान कर दिया। रोबोट इस तरह दौड़ रहा था, मानो शर्माकर दोनों हाथों से अपना चेहरा छिपा रहा हो।
इस रोबोट का नाम टिएन कुंग ओम्नी है, जिसे बीजिंग की कंपनी एक्स-ह्यूमनॉइड ने विकसित किया है। रोबोट ने एक छोटे समूह की 400 मीटर फाइनल रेस महज 45.66 सेकंड में पूरी कर खिताब अपने नाम किया।रोबोट ने खुद ईजाद किया अपना 'रनिंग स्टाइल'आमतौर पर इंसान तेज दौड़ते समय दोनों हाथों को आगे-पीछे तेजी से चलाता है। लेकिन इस रोबोट की दौड़ बिल्कुल अलग नजर आई। उसका शरीर आगे की ओर झुका हुआ था और दोनों हाथ चेहरे के काफी करीब थे। दौड़ते समय वह हाथों को चौड़े दायरे में घुमाता रहा और उसके कूल्हे भी लगातार एक तरफ से दूसरी तरफ घूम रहे थे। रोबोट का वीडियो सोशल मीडिया पर लोगों का खूब मनोरंजन कर रहा है। कई लोगों को लगा कि ये रोबोट शर्माते हुए अपने हाथों के पीछे चेहरा छिपा रहा हो।
दिलचस्प बात यह है कि इंजीनियरों ने रोबोट को इस तरह दौड़ने के लिए डिजाइन नहीं किया था। इस रोबोट पर काम करने वाले मोशन कंट्रोल इंजीनियर ने बताया कि शुरुआत में इसकी चाल को इंसानों की तरह हाथ आगे-पीछे करने के आधार पर तैयार किया गया था। इसके बाद सिमुलेशन आधारित ट्रेनिंग में रोबोट को लगातार बेहतर प्रदर्शन के लिए रिवॉर्ड दिए गए। कई दौर की ट्रेनिंग और डेटा में बदलाव के बाद रोबोट ने अपने लिए दौड़ने की ऐसी स्टाइल विकसित कर ली, जिसमें वह ज्यादा आसानी से दौड़ सकता था।हाथ चेहरे के पास रखने से मिली बड़ी मदद
- रोबोट की यह चाल असल में रेस में आगे रहने की एक सोची समझी रणनीति थी। हाथों को चेहरे के करीब रखकर दौड़ने से कंधों पर भार कम रहता है। इससे रोबोट अपने पैरों की ताकत का बेहतर इस्तेमाल करते हुए पूरी दूरी जल्दी तय कर सकता है।
- कंपनी के मुताबिक, अलग-अलग दूरी की दौड़ में रोबोट के सामने अलग तरह की तकनीकी समस्याएं आती हैं। लंबी दूरी की ह्यूमनॉइड हाफ मैराथन जैसी प्रतियोगिताओं में जोड़ों का तापमान और गर्मी बाहर निकालना बड़ी चुनौती बन जाता है। वहीं, 100 मीटर और 400 मीटर जैसी छोटी दूरी की दौड़ में कूल्हों पर पड़ने वाला दबाव अपेक्षाकृत कम होता है। इसलिए इंजीनियरों को इन स्पर्धाओं में अलग तकनीकी प्राथमिकताएं तय करनी पड़ती हैं।
एक और रोबोट ने तोड़ा इंसानी रिकॉर्ड से तेज समय
- इसी प्रतियोगिता में बड़े समूह की 400 मीटर फाइनल रेस में कंपनी के दूसरे रोबोट टिएन कुंग अल्ट्रा ने 38.15 सेकंड रेस पूरी कर गोल्ड मेडल जीता।
- यह समय पुरुषों के 400 मीटर विश्व रिकॉर्ड से भी तेज है। मौजूदा विश्व रिकॉर्ड दक्षिण अफ्रीका के धावक वेड वैन नीकर्क के नाम है, जिन्होंने 2016 रियो ओलंपिक में 400 मीटर की रेस 43.03 सेकंड में पूरी कर रिकॉर्ड बनाया था।
- सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि पिछले साल विश्व ह्यूमनॉइड रोबोट गेम्स के पहले संस्करण में 400 मीटर दौड़ को खत्म करने का समय 1 मिनट 28.03 सेकंड था। यानी महज एक साल में फिनिश टाइम करीब 50 सेकंड तक कम हुआ है।
अब ट्रैक से आगे की तैयारी
- एक्स-ह्यूमनॉइड के विशेषज्ञों का मानना है कि अगली बड़ी चुनौती सिर्फ तेज दौड़ना नहीं होगी। रोबोट को ऐसे जटिल वातावरण में काम करने में सक्षम बनाना होगा, जहां उसे बाहरी ताकतों और अचानक आने वाली बाधाओं का सामना करना पड़े।
- अगर इस दिशा में बड़ी तकनीकी सफलता मिलती है तो आने वाले समय में ह्यूमनॉइड रोबोट के इस्तेमाल के नए रास्ते खुल सकते हैं। दौड़ के मैदान में दिखी यह अजीब चाल इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह बताती है कि मशीनें प्रशिक्षण के दौरान इंसानों से अलग तरीके खोजकर अपने प्रदर्शन को बेहतर बना सकती हैं।
- New Zealand: 16 साल से कम उम्र के बच्चे नहीं चला पाएंगे सोशल मीडिया, सरकार ला सकती है नया कानून
- Robot Army: टर्मिनेटर जैसी दुनिया अब दूर नहीं! 5-10 साल में जंग के मैदान में उतरेंगे चीन के 'रोबोट सैनिक'
- BSNL: हर महीने रिचार्ज कराने का झंझट खत्म, इस प्लान में पाएं 412 दिनों की वैलिडिटी! रोज मिलेगा 2GB डेटा
- BGMI Lite का प्री-रजिस्ट्रेशन हुआ शुरू: सस्ते स्मार्टफोन्स में भी बिना अटके चलेगा गेम, कब होगा लॉन्च?