किसानों के नरसंहार वाले हैशटैग चला रहे अकाउंट हुए फिर से एक्टिव, सरकार ने Twitter को भेजा नोटिस

माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर ने हाल ही में 250 अकाउंट्स को ब्लॉक किया था। ट्विटर ने यह फैसला इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के आदेश के बाद लिया था लेकिन महज कुछ घंटे बाद ही ये सभी अकाउंट फिर से एक्टिव हो गए थे। इन अकाउंट के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोध में हैशटैग 'किसानों का नरसंहार' चलाया जा रहा था। अब इन अकाउंट्स को दोबारा एक्टिव होने के लेकर सरकार ने ट्विटर को नोटिस जारी किया है।
सरकार की ओर से Twitter से पूछा गया है कि उसने सरकार के आदेश की अवहेलना करते हुए इन अकाउंट्स को फिर से क्यों एक्टिव किया। ट्विटर पर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69 (ए) के उल्लंघन का आरोप है। अगर इस मामले में ट्विटर दोषी पाया जाता है तो उसे सात साल की कैद की सजा भी हो सकती है। नोटिस में कहा गया है कि ट्विटर को भारतीय कानून का पालन करना चाहिए, हालांकि इस नोटिस पर ट्विटर ने अभी तक कोई बयान जारी नहीं किया है।
सोमवार को ट्विटर ने जिन अकाउंट पर रोक लगाई गई थी उनमें किसान एकता मोर्चा (एट द रेट ऑफ किसानएकतामोर्चा) और बीकेयू एकता उग्राहन (एट द रेट ऑफ बीकेयूएकताउग्राहन) जैसे हजारों फोलोवर्स वाले अकाउंट्स के नाम शामिल हैं।
कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इन अकाउंट्स को लेकर यह भी दावा किया है कि इन अकाउंट्स पर रीजनल पाबंदी लगाई गई है यानी सिर्फ भारत में इन अकाउंट को एक्सेस नहीं किया जा सकता, जबकि अन्य देश से ये इन अकाउंट को एक्सेस किया जा सकता है।