फर्जी है Coronavirus फैलाने के मकसद से बर्तनों को चाटने वाला वायरल वीडियो, जानें सच्चाई

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजालाप्रदीप पाण्डेय
Sat, 04 Apr 2020 04:51 PM IST
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fact check: truth of video showing muslims licking plates to Spread Coronavirus
Licking cutlery to spread Coronavirus - फोटो : social media

    कोरोना वायरस को लेकर जहां पूरी दुनिया जहां वैक्सीन बनाने में लगी है, वहीं सरकार और मीडिया, सोशल मीडिया पर वायरल फर्जी वीडियो और फोटो को लेकर एक अलग ही लड़ाई लड़ रहे हैं। सरकार ने एक आदेश भी जारी किया है जिसके तहत कोरोना वायरस को लेकर सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की बात कही गई है लेकिन कुछ लोग आदेश को दरकिनार करके बिना जांच किए सोशल मीडिया पर फर्जी पोस्ट शेयर कर रहे हैं।

    हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो खूब वायरल हुआ था जिसे लेकर दावा किया गया था कि एक समुदाय के लोग कोरोना वायरस फैलाने के मकसद से बर्तनों को चाट रहे हैं। फेसबुक परPublic सब जानती हैपेज पर भी इस वीडियो को शेयर किया गया और कैप्शन लिखा गया "मस्जिदों में छुपे मुसलमान खाली बर्तनों को झूठा करते हुए ताकि ज्यादा से ज्यादा ये महामारी फैल सके.......... ये मुसलमान पहले से ही KORONA ग्रसित है ये लोग जानते है और सरकार इन्हें पकड़ के इलाज करा रहे है, आखिर क्यों......... भारत में कोरोना फैल नहीं रहा है बल्कि फैलाए जा रहा हैं। देखें वीडियो में)"। हालांकि पेज से अब इस वीडियो को डिलीट कर दिया गया है।

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    गूगल पर ‘Muslims licking utensils’ सर्च करने पर 31 जुलाई 2018 का एक वीडियो मिलता है। यह यही वीडियो है जिसे अब 2020 में वायरल किया जा रहा है। 2018 के वीडियो का कैप्शन लिखा है कि दाऊदी बोहरा बर्तनों से बचे हुए भोजन को चाटते हैं, ताकि एक भी अन्न बर्बाद ना हो। वहीं प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) की फैक्ट चेकिंग टीम ने इस वीडियो को फर्जी करार दिया है।

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    पीआईबी ने ट्वीट करके कहा है कि एक वीडियो में दावा किया जा रहा है और इसे सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा है कि #Coronavirus फैलाने के लोग बर्तनों को चाट रहे हैं। #PIBFactcheck द्वारा इस वीडियो की पड़ताल की गई और पाया गया है कि यह वीडियो पुराना है और इसका #Covid19 को फैलाने से कोई संबंध नहीं है। यह वीडियो 2018 में भी इसी तरह के दावे के साथ वायरल हुआ था।

    तो आप सभी से गुजारिश है कि सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर आए किसी भी फोटो, मैसेज और वीडियो को भावनाओं में आकर फॉरवर्ड ना करें। पहले उसकी सच्चाई जानने की कोशिस करें और उसके बाद ही उसके बारे में कोई निर्णय लें।

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