क्या आपकी फेसबुक फ्रेंडलिस्ट में 150 से ज्यादा दोस्त हैं?

विस्तार
फेसबुक पर लोगों के 1,000 असली दोस्त नहीं हो सकते। और न ही 500। हकीकत तो यह है कि 200 से ज्यादा सच्चे दोस्तों को होने भी असंभव है। जी हां, एक शोध से यह बात सामने आई है।
असल जिंदगी की तरह ही मनुष्य अपनी मस्तिष्क की क्षमता और पर्याप्त समय में सोशल मीडिया पर 150 से ज्यादा सच दोस्त नहीं रख सकता है।
जर्नल रॉयल सोसाइटी ओपेन साइंस के मुताबिक असल जिंदगी की तरह ही मनुष्य अपनी मस्तिष्क की क्षमता और खाली समय में सोशल मीडिया पर 150 से ज्यादा सच दोस्त नहीं रख सकता है। किसी भी व्यक्ति के दोस्तों की संख्या सीमित हो सकती है। फ्रेंड लिस्ट में बाकी लोग परिचित या मुलाकात भर होते हैं।
150 दोस्तों की सैद्धांतिक सीमा को "डनबर के नंबर" के रूप में जाना जाता है। दरअसल ब्रिटिश विकासवादी मनोविज्ञानी रॉबिन डनबर ने इस अवधारणा को गढ़ा था। नए अध्ययन में भी वो लेखक के तौर पर हैं, उनके मुताबिक ऑनलाइन दुनिया में भी यह ही संख्या सीमा है।
डनबर के मुताबिक इसमें कुछ बदल हो सकता है, लेकिन बहुत ज्यादा नहीं, और यह इस बात पर भी निर्भर होता है कि आप अपनी दोस्ती कितनी कमजोर या मजबूत रखते हैं।
क्या कहता है फेसबुक
हमारे पास एक सीमित मात्रा सामाजिक पूंजी में है और हम बड़ी बारीकी से ज्यादा लोगों पर कम या कम लोगों पर ज्यादा निवेश करत सकते हैं, लेकिन हम इसका दायरा बढ़ा नहीं सकते हैं। डनबर के मुताबिक मानवीय रिश्तें परत वाले वक्र हैं, जो सबसे करीब से दूर की तरह व्यवथित हैं।
हमारे औसतन पांच घनिष्ठ मित्र, 15 सबसे अच्छे दोस्त, 50 अच्छे दोस्त, 150 दोस्तों, 500 परिचितों और 1500 लोगों पहचान भर होते हैं।
150 लोग सबसे महत्वपूर्ण हैं ये वे लोग होते हैं जिनके साथ आप वास्तव में रिश्तों को जिंदा रखना चाहते हैं। लोग फेसबुक पर 500 या 1,000 दोस्त हो सकता हैं, लेकिन वे सब परिचत भर हो सकते हैं।
ऐसा इसलिए क्योंकि हमारा दिमाग एक निश्चित संख्या 100-200 ही लोगों की दोस्ती को संभाल सकता है। इसे सोशल ब्रेन हाइपोथिसिस के नाम से जाना जाता है। इस आकार की दोस्ती को बनाए रखने के लिए पर्याप्त समय की जरूरत होती है। उन्होंने यह निष्कर्ष 3 हजार लोगों पर किए गए सर्वे के आधार पर निकाला है।
लेकिन फेसबुक दोस्ती के बीच कोई भेद नहीं करता है।