Meta Fined: जुर्माने के बाद अब मेटा को देना होगा करोड़ों रुपये का कानूनी शुल्क, वाशिंगटन कोर्ट ने दिए आदेश

विशाल मैथिल
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीविशाल मैथिल
Sun, 30 Oct 2022 10:41 AM IST
सार

यह अब तक के अमेरिकी इतिहास में सबसे बड़ा कैंपेन वित्तीय जुर्माना है। कोर्ट ने वाशिंगटन के फेयर कैंपेन प्रैक्टिस एक्ट के तहत मेटा को राजनीतिक विज्ञापनदाताओं के नाम-पतों का खुलासा न करने पर यह जुर्माना लगाया है।

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Facebook Parent Meta Ordered to Pay rs 86 crore Legal Fees to Washington State
Meta - फोटो : सोशल मीडिया

    विस्तार

    फेसबुक की मूल कंपनी मेटा पर हाल ही में अमेरिकी राज्य वाशिंगटन में 25 मिलियन डॉलर यानी 2 अरब रुपये से ज्यादा का जुर्माना लगाया गया है। अब कोर्ट ने कंपनी को वाशिंगटन राज्य को कानूनी शुल्क के लिए 10.5 मिलियन डॉलर (करीब 86 करोड़ रुपये) का भुगतान करने का भी आदेश दिया है। मेटा पर यह जुर्माना वाशिंगटन राज्य की एक अदालत ने अमेरिका में चुनावी विज्ञापनों से जुड़ी गड़बड़ियों के लिए लगाया गया है। बता दें कि हाल ही में मेटा पर तुर्की के प्रतिस्पर्धा कानून तोड़ने के लिए 18.63 मिलियन डॉलर (लगभग 153 करोड़ रुपये) का जुर्माना लगाया गया था।

    द सिएटल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक किंग काउंटी सुपीरियर कोर्ट के न्यायाधीश डगलस नॉर्थ ने शुक्रवार को मेटा कंपनी को कानूनी शुल्क जमा करने का आदेश जारी किया। कोर्ट ने कंपनी को 30 दिनों के भीतर वायर ट्रांसफर, चेक या मनी ऑर्डर द्वारा भुगतान करने का आदेश दिया है। यह राशि राज्य सार्वजनिक प्रकटीकरण आयोग को जानी है, जो अभियान वित्त कानूनों को लागू करता है।

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    बताया जा रहा है कि यह अब तक के अमेरिकी इतिहास में सबसे बड़ा कैंपेन वित्तीय जुर्माना है, इसे राजनीतिक प्रचार अभियान से जुड़ी गड़बड़ियों के लिए लगाया गया है। कोर्ट ने वाशिंगटन के फेयर कैंपेन प्रैक्टिस एक्ट के तहत मेटा को राजनीतिक विज्ञापनदाताओं के नाम-पतों का खुलासा न करने पर यह जुर्माना लगाया है। इस पूरे मामले पर मेटा ने कोई जवाब नहीं दिया है। वाशिंगटन के पारदर्शिता कानून के तहत मेटा को राजनीतिक विज्ञापनदाताओं के नाम-पते बताने जरूरी हैं।

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    कंपनी को ऐसे किसी भी यूजर को मांगने पर विज्ञापनदाताओं के नाम और पते बताने होंगे। लेकिन मेटा ने अदालत में बार-बार इस पर आपत्ति की। फेसबुक ने राजनीतिक विज्ञापनों के आर्काइव रखे हुए हैं, जिसको वह प्रसारित भी करता है, लेकिन इस कानून के तहत सूचना को जरूरी तौर पर सार्वजनिक करने का पालन नहीं किया।

    तुर्की में भी लगा अरबों का जुर्माना

    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक की मूल कंपनी मेटा पर हाल ही में तुर्की के प्रतिस्पर्धा कानून तोड़ने के लिए 18.63 मिलियन डॉलर (लगभग 153 करोड़ रुपये) का जुर्माना लगाया गया है। तुर्की प्राधिकरण ने जुर्माना लगाने के बाद अपने एक बयान में कहा कि कंपनी व्यक्तिगत सोशल नेटवर्किंग सर्विस और ऑनलाइन वीडियो एडवरटाइजमेंट मार्केट में एक प्रमुख स्थान पर है और कंपनी ने मुख्य सर्विस फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के माध्यम से एकत्र किए गए डाटा को मर्ज करके प्रतिस्पर्धा को बाधित किया है। बता दें कि मेटा के स्वामित्व वाले व्हाट्सएप पर भारत में भी डाटा प्राइवेसी को लेकर प्रतिस्पर्धा आयोग यानी की जांच चल रही है।

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