कार्रवाई: ट्रंप के अकाउंट पर दो साल का प्रतिबंध, फेसबुक पर भड़के
इस साल जनवरी में वॉशिंगटन में अमेरिकी संसद पर हुई हिंसा मामले में ट्रंप को प्रदर्शनकारियों को उकसाने के आरोप लगे थे। इसे लेकर फेसबुक ने उनके अकाउंट को बंद कर दिया था। माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर भी ट्रंप का अकाउंट बंद कर चुकी है।

विस्तार
सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक ने बड़ा कदम उठाते हुए शुक्रवार को अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अकाउंट को दो साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया। ट्रंप के फेसबुक अकाउंट पर यह प्रतिबंध छह जनवरी 2021 से माना जाएगा, जब फेसबुक ने शुरुआती तौर पर यह कदम उठाया था।
बता दें कि फेसबुक के ओवरसाइट बोर्ड ने पिछले महीने कहा था कि डोनाल्ड ट्रंप के अकाउंट को अनिश्चतकालीन और मानकहीन रूप से प्रतिबंधित करना सही तरीका नहीं है। बोर्ड के निर्देशों के अनुसार अब यह फैसला लिया गया है कि ट्रंप का फेसबुक अकाउंट दो साल के लिए प्रतिबंधित किया जाए।
फेसबुक पर भड़के ट्रंप, कहा- लाखों अमेरिकियों का अपमान
सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म फेसबुक द्वारा पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का अकाउंट दो साल के लिए निलंबित करने से ट्रंप भड़क गए हैं। फेसबुक ने यह कदम ट्रंप पर 6 जनवरी को कैपिटल हिल पर हिंसा को बढ़ावा देने के मामले में उठाया है। इस पर ट्रंप ने कहा, यह फैसला देश के 7.5 करोड़ मतदाताओं का अपमान है जिन्होंने राष्ट्रपति चुनाव में उन्हें वोट दिया। डोनाल्ड ट्रंप पर यह प्रतिबंध 7 जनवरी से ही लागू होगा।
पूर्व राष्ट्रपति ने फेसबुक के इस कदम को एक तरह की सेंसरशिप बताया है। उन्होंने कहा, वे हमें सेंसर करके चुप नहीं करा सकते, हम जरूर जीतेंगे। ट्रंप ने यह भी कहा कि वे फेसबुक सीईओ मार्क जुकरबर्ग के डिनर आमंत्रण को अब दोबारा स्वीकार नहीं करेंगे। अगली बार जब मैं व्हाइट हाउस में होऊंगा तब जुकरबर्ग और उनकी पत्नी के लिए वहां ऐसा आयोजन ही नहीं होगा।
फेसबुक अपने सीईओ मार्क जुकरबर्ग के समर्थन वाली उस विवादास्पद नीति को खत्म करने की योजना बना रहा है जिसमें सोशल नेटवर्किंग साइट पर नेताओं को कुछ निश्चित नियमों से छूट दी गई थी। मीडिया में आई खबरों में इस बारे में बताया गया। इस नीति के पक्ष में कंपनी की दलील है कि नेताओं के बयान स्वाभाविक रूप से खबर के लायक और जनहित में होते हैं फिर चाहे वे आक्रामक, धमकी भरे या विवादास्पद क्यों न हों।
‘खबर योग्य छूट’ नीति के तहत फेसबुक साल 2016 से यह छूट दे रहा था। लेकिन 2019 में इस नीति ने लोगों का ध्यान उस वक्त आकर्षित किया जब कंपनी के वैश्विक मामलों व संचार के उपाध्यक्ष निक क्लेग ने घोषणा की कि नेताओं के बयान को ‘खबर योग्य सामग्री’ के तौर पर देखा जाएगा जिसे एक सामान्य नियम के तौर पर देखा और सुना जाना चाहिए।
उन्होंने तब एक ब्लॉग पोस्ट में कहा था कि ‘अगर किसी का बयान या पोस्ट हमारे समुदायिक मानकों को तोड़ता है और वह बयान नुकसान के जोखिम से अधिक हमें जनहित में प्रतीत होता है, तब भी हम अपने मंच पर इसकी अनुमति देंगे।’ उल्लेखनीय है कि जनवरी में जब फेसबुक ने ट्रंप के अकाउंट को बंद किया था तब उसने अपने इस कदम के पक्ष में यूएस कैपिटल (संसद भवन) में हिंसा और भड़कने का हवाला दिया था।