Grok AI: क्या अब ग्रोक एआई से नहीं बनेंगी तस्वीरें? एलन मस्क ने क्यों लिया इतना बड़ा फैसला?

सुयश पांडेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीसुयश पांडेय
Fri, 09 Jan 2026 04:20 PM IST
सार

विवाद बढ़ने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मौजूद एआई टूल ग्रोक के इमेज जनरेशन फीचर पर सख्ती कर दी है। अब तस्वीरें बनाने और एडिट करने की सुविधा केवल पेड सब्सक्राइबर्स तक सीमित कर दी गई है। फ्री यूजर्स इस फीचर का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।

Elon Musk Tightens Controls on Grok AI: Image Generation Now Limited to Paid Users
एलन मस्क के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स ने अपने एआई टूल 'ग्रोक' के इमेज क्रिएशन फीचर को ज्यादातर यूजर्स के लिए बंद किया (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला

    विस्तार

    एलन मस्क के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स ने अपने एआई टूल 'ग्रोक' के इमेज क्रिएशन फीचर को ज्यादातर यूजर्स के लिए बंद कर दिया है। यह कदम हाल ही में हुए भारी विवाद के बाद उठाया गया है, जिसमें इस टूल का इस्तेमाल महिलाओं और बच्चों की आपत्तिजनक तस्वीरें बनाने के लिए किया जा रहा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ब्रिटेन में एक्स पर बैन लगने और भारी जुर्माने की धमकियों के बाद कंपनी ने यह फैसला लिया है।

    सिर्फ पेड सब्सक्राइबर्स कर पाएंगे इस्तेमाल

    ग्रोक ने एक्स पर पोस्ट करते हुए जानकारी दी कि इमेज जनरेशन और एडिटिंग अब केवल पेड सब्सक्राइबर्स तक ही सीमित है। इसका मतलब है कि फ्री यूजर्स अब ग्रोक के जरिए तस्वीरें नहीं बना पाएंगे। इस फैसले के पीछे तर्क यह है कि पेड सब्सक्राइबर्स की क्रेडिट कार्ड डिटेल्स और पूरी जानकारी कंपनी के पास मौजूद होती है। ऐसे में अगर कोई यूजर इस फीचर का गलत इस्तेमाल करता है तो उसकी पहचान आसानी से की जा सकती है।

    क्यों मचा है बवाल?

    हाल ही में एक रिसर्च में सामने आया था कि ग्रोक का इस्तेमाल महिलाओं की तस्वीरों से छेड़छाड़ किया जा रहा था। चैटबॉट का इस्तेमाल हिंसात्मक दृश्यों को बनाने के लिए किया जा रहा था। दिसंबर के अंत में आए एक अपडेट के बाद से ऐसी हजारों तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थीं।

    यूके सरकार की सख्त चेतावनी

    ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने इन तस्वीरों को 'शर्मनाक' और 'गैरकानूनी' बताया। स्टारमर ने चेतावनी दी कि अगर एक्स ने इस सामग्री को नहीं हटाया और अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया, तो उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने मीडिया रेगुलेटर ऑफकॉम को भी कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा है। इस वैश्विक दबाव और कानूनी कार्रवाई के डर के चलते ही मस्क की कंपनी को यह सख्त कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा है।

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