आईटी के नए नियमों के खिलाफ दायर याचिका पर अदालत ने सरकार से मांगा जवाब

प्रदीप पाण्डेय
पीटीआई, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Tue, 09 Mar 2021 02:56 PM IST
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Delhi high Court Seeks Response From Center On Plea Filed Against New It Rules
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : iStock

    दिल्ली उच्च न्यायालय ने डिजिटल समाचार मीडिया के नियमन संबंधी नए सूचना प्रौद्योगिकी नियमों को चुनौती देने वाली याचिका पर मंगलवार को केंद्र से जवाब मांगा। मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय को नोटिस जारी किए और उन्हें जवाब दायर करने के लिए समय भी दिया।

    अदालत ‘फाउंडेशन फॉर इंडिपेंडेंट जर्नलिज्म’ की ओर से दायर उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उसने सरकार की ओर से 25 फरवरी को जारी नए आईटी नियमों को गैरकानूनी बताते हुए कहा कि यह डिजिटल समाचार मीडिया को नियंत्रित एवं विनियमित करने वाला है।

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    याचिका में कहा गया है कि यह याचिकाकर्ता की तरह डिजिटल न्यूज मीडिया को गहरा एवं गंभीर नुकसान पहुंचाने वाले हैं और उनके अधिकारों का हनन करते हैं।याचिका में आईटी के नए नियमों को निरस्त करने की मांग की गई है।

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    बता दें कि पिछले महीने ही केंद्र सरकार ने फेसबुक, ट्विटर जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम जैसे ओवर द टॉप (ओटीटी) प्लेयर का दुरुपयोग रोकने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यह नियम समाचार वेबसाइट के लिए भी है। इसके तहत सरकार द्वारा चिह्नित की गई किसी भी सामग्री को 24 घंटे के भीतर हटाना होगा।

    साथ ही देश में त्रिस्तरीय शिकायत निवारण तंत्र बनाना होगा। ट्विटर और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्मों को देश की संप्रभुता और सुरक्षा के खिलाफ राष्ट्रविरोधी संदेशों के मूल स्रोतों की पहचान करनी होगी। अपराध सिद्ध होने पर सजा भी हो सकती है। यह व्यवस्था भारत की अखंडता, एकता और सुरक्षा के साथ-साथ सामाजिक व्यवस्था, दूसरे देशों से रिश्तों, दुष्कर्म और यौन शोषण जैसे मामलों पर लागू होगी।

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